मीरजापुर में राज्यमंत्री की सिफारिश फेल, दारोगा बोले - 'औकात दो पैसे की नहीं और खुद को भाजपा कार्यकर्ता बोलता है?'
मीरजापुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ दारोगा ने नो-पार्किंग में खड़ी बाइक का चालान किया, जिसके मालिक ने खुद को भाजपा ...और पढ़ें
HighLights
आरपीएफ दारोगा ने नो-पार्किंग में खड़ी बाइक का चालान किया।
भाजपा कार्यकर्ता ने राज्यमंत्री से फोन कराने का प्रयास किया।
दारोगा ने कहा कानून सभी के लिए समान है।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। मंगलवार की रात स्थानीय रेलवे स्टेशन परिसर में एक व्यक्ति ने नो पार्किंग क्षेत्र में अपनी बाइक खड़ी कर दी। इस पर आरपीएफ के दारोगा ने बाइक में सिकड़ी लगा दी। जब बाइक का स्वामी वहां पहुंचा, तो उसने खुद को भाजपा कार्यकर्ता बताया और राज्यमंत्री से फोन करने की कोशिश की।
इसके बावजूद, दारोगा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि तुम्हारी औकात दो पैसे की नहीं है और तुम खुद को भाजपा कार्यकर्ता कहते हो? उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह पुलिस नहीं, बल्कि आरपीएफ है। दारोगा ने बाइक को छोड़ने के बजाय चालान कर दिया। इस घटना को लेकर भाजपा कार्यकर्ता और दारोगा के बीच नोकझोंक हुई।
आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक चमन सिंह तोमर ने बताया कि बाइक चालक ने नो पार्किंग में गाड़ी खड़ी की थी, जिसके कारण कार्रवाई की गई। इस घटना ने स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी पहचान का हवाला देकर दारोगा पर दबाव बनाने की कोशिश की।
इस मामले ने यह सवाल उठाया है कि क्या राजनीतिक पहचान का उपयोग कानून के उल्लंघन को छिपाने के लिए किया जा सकता है। दारोगा ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए नियमों का पालन किया, जबकि भाजपा कार्यकर्ता ने अपनी राजनीतिक स्थिति का लाभ उठाने का प्रयास किया।
इस वायरल हो रही घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंधित हो। आरपीएफ के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव में नहीं आएंगे और अपने कर्तव्यों का पालन करते रहेंगे।
इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया है कि कानून के प्रति सम्मान और अनुशासन बनाए रखना आवश्यक है। सभी नागरिकों को चाहिए कि वे नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार के राजनीतिक दबाव से बचें। मीरजापुर की यह घटना एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे किसी भी राजनीतिक पार्टी से संबंधित हों।
