जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर) : शासन की ओर से ब्लाक प्रमुख पद के लिए होने वाले चुनावों को टाले जाने के बाद इसके दावेदारों की मेहनत पर फिलहाल पानी फिर गया है। तीन मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के सभी पदों के नतीजे आने के बाद जब बीडीसी सदस्य पद पर निर्वाचित प्रत्याशियों की तस्वीर साफ हुई तो ब्लाक प्रमुख के चुनाव की दावेदारी कर रहे उम्मीदवारों ने लाव लश्कर के साथ अपने पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए क्षेत्र पंचायत सदस्यों के घर-घर जाना शुरू कर दिया था। संख्या बल जुटाने के लिए दावेदारों ने बीडीसी सदस्यों को पक्ष में तैयार करने के लिए रुपये भी खर्चा करना प्रारंभ कर दिया था, लेकिन सोमवार को शासन ने जब ब्लाक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के चुनावों पर रोक का आदेश दिया तो प्रमुख पद के दावेदार और उनके समर्थक मायूस हो गए।

क्षेत्र पंचायत नरायनपुर के ब्लाक प्रमुख पद के लिए फिलहाल दो चेहरे भी सामने आ चुके थे और दोनों खेमों ने युद्ध स्तर पर अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए कमर कस ली थी। फिलहाल जुलाई के पहले सप्ताह में चुनाव की संभावना को देखते हुए प्रमुख पद के लिए शुरू हुए चुनावी अभियान पर ब्रेक लगता दिखाई दे रहा है। हालांकि दावेदार चुनावी बिसात पर अपने मोहरे बिछाकर जीत हासिल करने के लिए सियासी चाल चलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे, लेकिन फिलहाल ये करीब डेढ़ दो महीने दूर की कौड़ी साबित हो रही है। राजनीतिक लोगों की मानें तो कोविड को देखते हुए अब जुलाई में ही ब्लाक प्रमुख पद के चुनाव होंगे।