फोटो वीडियो न बनाएं मामला सेंसिटिव है; दिव्या मित्तल के वायरल वीडियो ने पहले मीरजापुर में सियासी और फिर प्रशासनिक पारा चढ़ाया
लहुरियादह में प्राथमिक विद्यालय के लिए आवंटित भूमि पर वन विभाग ने निर्माण कार्य रोक दिया है, जिससे जिला प्रशासन ...और पढ़ें

मीरजापुर में स्कूल भूमि विवाद गहराया वन विभाग ने रोका निर्माण कार्य।
HighLights
लहुरियादह में प्राथमिक विद्यालय निर्माण वन विभाग ने रोका।
राजस्व विभाग द्वारा आवंटित भूमि को वन भूमि बताया।
जिला प्रशासन भूमि विवाद सुलझाने में जुटा, ग्रामीण निराश।
जागरण संवाददाता, ड्रमंडगंज (मीरजापुर)। दिव्या मित्तल के वायरल वीडियो के बाद पहले तो जिसे का सियासी पारा गर्म हुआ और आनन फानन स्कूल बनाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। इसके बाद वन विभाग के अड़ंंगे के बाद प्रशासनिक पारा अब चढ़ा हुआ है।
लहुरियादह में उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए आवंटित की गई भूमि पर वनविभाग द्वारा निर्माण कार्य रोके जाने से जिला प्रशासन की कार्यशैली को लेकर आमजन में खूब किरकिरी हो रही है। हाल ही में पूर्व जिलाधिकारी दिव्या मित्तल द्वारा फाइलों में गुम लहुरियादह स्कूल का जिक्र किए जाने के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हुआ।
आनन फानन में उच्च प्राथमिक विद्यालय के निर्माण के लिए लहुरियादह में राजस्व विभाग द्वारा भूमि आवंटित की गई। लेकिन निर्माण कार्य के पांचवें दिन गत चार अक्टूबर को वनविभाग ने उक्त आवंटित भूमि को वन भूमि बताते हुए विद्यालय निर्माण कार्य को रोक दिया। भूमि विवाद का मामला उलझने पर जिला प्रशासन की नींद उड़ गई।
मंगलवार दोपहर राजस्व विभाग की टीम व वनविभाग की टीम के साथ पहुंचे तहसीलदार लालगंज विशाल कुमार शर्मा राजस्व व वनविभाग का नक्शा देखने में लगे रहे। उसी दौरान दैनिक जागरण टीम के वहां वहां पहुंचने पर तहसीलदार लालगंज ने कहा कि आप का यहां क्या काम है।
मामला सेंसिटिव है कृपया फोटो वीडियो न बनाएं। हमलोगों को डीएम साहब ने समस्या का समाधान करने के लिए भेजा है। जो भी निष्कर्ष निकलेगा बताया जाएगा।आप यहां से चले जाएं हम लोगों को काम करने दे।
तहसीलदार द्वारा फोटो, वीडियो बनाने से ऐतराज किया जाना कहीं न कहीं जिम्मेदारों की नाकामियों को छिपाने की ओर इशारा कर रहा है। फिलहाल विद्यालय के लिए आवंटित की गई भूमि का विवादित हो जाना जिला प्रशासन के लिए चुनौती बन चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार शाम छह बजे के करीब डीएफओ भी वनविभाग की टीम के साथ लहुरियादह गांव में विद्यालय निर्माण के लिए आवंटित की गई भूमि पर पहुंचकर निरीक्षण किया और दस मिनट बाद वहां से निकल गए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन का दावा कितना सही होता है कि विद्यालय निर्माण के लिए आवंटित की गई भूमि राजस्व विभाग की ही है। फिलहाल तहसील प्रशासन व वनविभाग की टीम नक्शा, पुराने रिकार्ड आदि देखते हुए मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी रही। विद्यालय के लिए आवंटित की गई भूमि के विवादित होने से ग्रामीणों में निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले का जल्द से जल्द समाधान कर विद्यालय का निर्माण कार्य शुरू करवाया जाए।
