जागरण संवाददाता, मीरजापुर : बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी नवीन राजकीय हाईस्कूल अधूरे पड़े हैं। जिले में वर्ष 2013-14 में 13 और वर्ष 2015-16 में दो सहित कुल 15 नवीन राजकीय हाईस्कूल स्वीकृत हुए थे, इसमें से वर्तमान में भी सात नवीन राजकीय हाईस्कूल का निर्माण अधूरा पड़ा है। शासन ने निर्माण के लिए प्रति विद्यालय 69.51 लाख धनराशि जारी की जा चुकी है। बावजूद इसके सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कार्यदायी संस्था की लापरवाही की भेंट चढ़ रही है।

जिले में शासन द्वारा वर्ष राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2013-14 में 13 और वर्ष 2015-16 में दो सहित कुल 15 नवीन राजकीय हाईस्कूल की स्वीकृति प्रदान की गई थी। इसके लिए शासन द्वारा बाकायदा प्रति नवीन राजकीय हाईस्कूल 69.51 लाख का भारी भरकम बजट भी जारी किया गया। निर्माण एजेंसी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड (पैकफेड) को नवीन राजकीय हाईस्कूल के निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी गई। वर्तमान में 2013-14 के तहत स्वीकृत नवीन राजकीय हाईस्कूल पटेहरा में प्लास्टर कार्य, लहंगपुर लालगंज में बोरिग व सबमर्सिबल, कोठी हलिया में बोरिग व सबमर्सिबल, दाढ़ीराम पहाड़ी में छत का कार्य प्रगति पर, अदलपुरा सीखड़ में मुख्य भवन पूर्ण हो चुका है तथा टायलेट ब्लाक का कार्य प्रगति पर चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2014-15 में से नवीन राजकीय हाईस्कूल दांती पहाड़ी व रैकरा में कार्य अभी भी चल रहा है। इसमें भवनों का स्लैब कार्य पूर्ण हो गया है और फिनिशिग कार्य चल रहा है। सत्यापन आख्या का इंतजार

जिले के ड्रमंडगंज, हलिया, तिलांव, शाहपुर, महुआरी कला, कठिनई, कुशहा, खानपुर में तैयार नवीन राजकीय हाईस्कूल पूर्ण हो गया है। भवन सत्यापन के लिए जिलाधिकारी ने तकनीकी टास्क फोर्स का गठन किया था। तकनीकी टास्क फोर्स की सत्यापन आख्या अप्राप्त होने के कारण भवन का हस्तानांतरण नहीं हो सका है। वर्जन

नवीन राजकीय हाईस्कूल के निमार्ण को अविलंब पूरा करने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

- सत्येंद्र कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक।

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