जागरण संवाददाता, मीरजापुर : बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में से जर्जर भवनों का ध्वस्तीकरण निष्प्रयोज्य प्रमाण पत्र के फेर में रूका पड़ा है। पीडब्लूडी विभाग ने अभी तक 148 स्कूलों को निष्प्रयोज्य प्रमाण पत्र जारी नहीं किया है, जिसके चलते विद्यालयों का ध्वस्तीकरण नहीं हो पा रहा है। जर्जर विद्यालय भवन में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक भी सुरक्षा को लेकर चितित रहते हैं।

जनपद में 337 परिषदीय विद्यालय जर्जर अवस्था में है। इन परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों के पढ़ने के बावजूद संबंधित विभाग लापरवाह बने हुए हैं। मीरजापुर में 398 कंपोजिट विद्यालय, 1200 प्राथमिक विद्यालय, 208 उच्च प्राथमिक, 10 कस्तूरबा विद्यालय सहित 1816 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिले में वर्तमान में 337 विद्यालय जर्जर अवस्था में है, इसमें से 189 जर्जर स्कूलों के भवनों की नीलामी हो चुकी है, शेष 148 की नीलामी के लिए पीडब्लूडी विभाग से निष्प्रयोज्य प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार किया जा रहा है। जिला समन्वयक निर्माण अजय श्रीवास्तव के अनुसार जर्जर भवनों की नीलामी के लिए पीडब्लूडी से निष्प्रयोज्य प्रमाण पत्र मांगा गया है। निष्प्रयोज्य प्रमाण पत्र मिलते ही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

वर्जन

जर्जर भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया चल रही है। चिहित 337 में से 189 जर्जर भवन नीलाम हो चुके हैं, शेष के लिए पीडब्लूडी से निष्प्रयोज्य प्रमाण पत्र मांगा गया है।

- गौतम प्रसाद, बीएसए, मीरजापुर।

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