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विंध्यवासिनी मंद‍िर, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर के दानपात्रों की दो दिनों में पूरी हुई गणना, 28 दानपात्रों से मिले 41.40 लाख रुपये

By Kamleshwar SharanEdited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 01 Oct 2026 07:35 PM (IST)

विंध्याचल स्थित मां विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिरों के 28 दानपात्रों की दो दिवसीय गणना में कुल 41 लाख 40 ...और पढ़ें

विंध्याचल के मंदिरों में भक्तों की आस्था का सैलाब, दानपात्रों से मिले 41 लाख रुपये।

विंध्याचल के मंदिरों में भक्तों की आस्था का सैलाब, दानपात्रों से मिले 41 लाख रुपये।

HighLights

  1. विंध्यवासिनी, अष्टभुजा, कालीखोह मंदिरों के दानपात्रों की गणना हुई।

  2. दो दिनों में 28 दानपात्रों से 41.40 लाख रुपये मिले।

  3. गणना सीसीटीवी निगरानी में, भक्तों की श्रद्धा का प्रतीक।

जागरण संवाददाता, विंध्याचल (मीरजापुर)। आदिशक्ति जगत जननी मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धालुओं की अटूट आस्था एक बार फिर देखने को मिली। किसी ने मनोकामना लेकर मां को पुकारा, किसी ने पूरी हुई मुराद के लिए सिर झुकाया, किसी ने अपनी श्रद्धा के दो सिक्के चढ़ाए तो किसी ने सामर्थ्य के अनुसार बड़ी राशि अर्पित की।

मां विंध्यवासिनी, अष्टभुजा और कालीखोह मंदिर के 28 दानपात्रों में प्राप्त धनराशि की दो दिनों तक चली गणना में कुल 41 लाख 40 हजार 442 रुपये मिले। यह धनराशि मां के प्रति भक्तों की श्रद्धा, विश्वास और समर्पण की झलक है। बुधवार और गुरुवार को दानपात्रों को खोलकर धनराशि की गणना कराई गई।

बुधवार को मां विंध्यवासिनी मंदिर के दो दानपात्र खोले गए, जिनसे 20 लाख 37 हजार 259 रुपये प्राप्त हुए। गुरुवार को विंध्यवासिनी मंदिर के शेष 24 दानपात्रों तथा अष्टभुजा और कालीखोह के एक-एक दानपात्र समेत कुल 26 दानपात्रों की गणना हुई। इनमें भक्तों द्वारा अर्पित 21 लाख तीन हजार 183 रुपये मिले।

सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में हुई गिनती
अमीन विजय शंकर दुबे ने बताया कि दानपात्रों में प्राप्त धनराशि की गणना पंडा समाज के कार्यालय में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और पुलिस सुरक्षा के बीच कराई गई। नायब तहसीलदार सदर गरिमा यादव की देखरेख में राजस्व विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और भारतीय स्टेट बैंक के दो कैशियर ने धनराशि की गणना की। गिनती पूरी होने के बाद प्राप्त राशि को विंध्य विकास परिषद के पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी के भारतीय स्टेट बैंक विंध्याचल शाखा के खाते में जमा कराया गया।

आस्था की थाती, भक्तों का समर्पण
विंध्यधाम में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। कोई मां से मनोकामना मांगता है तो कोई मनोकामना पूरी होने पर कृतज्ञता स्वरूप अपनी श्रद्धा अर्पित करता है। भक्तों की आस्था की यह भेंट विंध्यधाम के विकास में भी सहभागी बनती है। मां विंध्यवासिनी के दरबार में श्रद्धा अर्पित करने की यह परंपरा विंध्यधाम की धार्मिक आस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है।