जासं, मीरजापुर : कर्नाटक में राज्य पाल के निर्णय से क्षुब्ध कांग्रेसियों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को पत्रक सौंप कर आरोप लगाया कि राज्यपाल भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। अल्पमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता देकर विधायकों के खरीद फरोख्त का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। संवैधानिक पदों का दुरूपयोग करने वाले राज्यपालों को हटाया जाए।

उप्र कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष भगवती प्रसाद चौधरी ने कहा कि कर्नाटक में स्पष्ट बहुमत भले ही किसी पार्टी को नहीं मिला है लेकिन कांग्रेस व जेडीएस ने गठबंधन करके 118 विधायको की लिस्ट राज्यपाल को सौंपा था। लेकिन राज्यपाल ने मोदी सरकार के इशारे पर बहुमत वाले गठबंधन को सरकार बनाने का आमंत्रण न देकर भाजपा जैसी अल्पमत वाली पार्टी को सरकार बनाने का न्यौता दे दिया है जिनके पास बहुमत का आंकड़ा भी नहीं है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल ने ऐसा करके जहां अपने संवैधानिक पद का दुरूपयोग किया है वहीं उनके निर्णय से कर्नाटक में विधायकों की खरीद फरोख्त का मार्ग प्रशस्त हो गया है। भाजपा सत्ता का दुरूपयोग करते हुए कर्नाटक ही नहीं गोवा, मेघालय व मणिपुर में भी राज्यपालों पर दबाव बनाकर बड़ी पार्टी की अनदेखी कराकर गठबंधन वाली पार्टी को सरकार बनाने का मौका दिया। जबकि कर्नाटक के राज्यपाल ने ठीक उल्टा काम किया है। भाजपा नियम कानून को ताक पर रखकर लोकतंत्र की हत्या कर रही है।

अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राष्टपति के नाम संबोधित पत्रक भेजकर लोकतंत्र का खिलवाड़ करने वाले राज्यपालों को हटाया जाए जिससे लोकतंत्र कायम रह सके। प्रदर्शन सभा को जिलाध्यक्ष गिरीश त्रिपाठी, राम ¨सह, स्वरूप ¨सह, कैलाशनाथ उपाध्याय, अशोक गुप्त, द्वारिका प्रसाद पाल, सुधाकर आदि लोगों ने संबोधित किया।

Posted By: Jagran