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चुनार को दिसंबर तक मिल सकती है 50 करोड के आरओबी की सौगात, रेलवे क्रासिंग पर लगने वाले जाम से मिलेगी मुक्ति

By Gurupreet Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 29 Oct 2026 12:05 PM (IST)

चुनार रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले लंबे जाम से अब जल्द ही मुक्ति मिलेगी। 50 करोड़ की लागत से बन ...और पढ़ें

HighLights

  1. चुनार रेलवे क्रॉसिंग पर लंबे जाम से मिलेगी राहत।

  2. 50 करोड़ का 860 मीटर लंबा आरओबी अंतिम चरण में।

  3. दिसंबर तक आवागमन के लिए खुलने की प्रबल संभावना।

जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर)। चुनार रेलवे क्रॉसिंग पर फाटक बंद होने के बाद आधे से पौन घंटे तक इंतजार करना या फिर अधिक दूरी तय कर जमुई के रास्ते गंतव्य तक पहुंचना। नगर और आसपास के लोगों के सामने रोजाना ऐसी ही मुश्किल खड़ी होती है।

समय पर पहुंचने की मजबूरी में लोग अतिरिक्त ईंधन खर्च कर वैकल्पिक रास्ता चुन रहे हैं। इस परेशानी से शीघ्र निजात मिलने की उम्मीद अब बढ़ गई है। रेलवे क्रॉसिंग के पास चुनार नगर को हाईवे से जोड़ने के लिए बन रहा रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है।

करीब 50 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 860 मीटर लंबे टू-लेन पुल का 80 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस आरओबी के कंक्रीटिंग का काम लगभग पूरा है। अब चुनार नगर की ओर एप्रोच रोड बनाने का काम शेष है। सब कुछ योजना के अनुरूप रहा तो दिसंबर तक पुल आवागमन के लिए खोला जा सकता है।

जाम से बचने के लिए बढ़ानी पड़ती है दूरी
चुनार रेलवे क्रॉसिंग पर जाम केवल इंतजार की परेशानी नहीं, बल्कि लोगों की जेब पर भी बोझ है। दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के कारण यहां कुल चार रेल पटरियों पर ट्रेनों की आवाजाही होती है। ऐसे में फाटक आधे से पौन घंटे तक बंद रहने पर सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।

कई बार जरूरी काम से निकले लोगों के सामने इंतजार करने या वैकल्पिक रास्ता पकड़ने का विकल्प रह जाता है। गंतव्य तक समय से पहुंचने की मजबूरी में लोग जमुई की ओर से आना-जाना पसंद कर रहे हैं। इससे दूरी और ईंधन का खर्च बढ़ता है, लेकिन जाम में फंसने से बचने के लिए उन्हें यह अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ता है।

चुनार को मिलने वाला यह पुल साबित होगा वरदान, बचेगा समय और ईंधन
आरओबी चालू होने के बाद रेलवे फाटक पर ट्रेनों के गुजरने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। चुनार से हाईवे तक आवागमन सुगम होने के साथ अतिरिक्त दूरी तय करने की मजबूरी भी कम होगी। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और आसपास के गांवों से नगर आने-जाने वाले लोगों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। इस लिहाज से पुल क्षेत्र के लिए केवल यातायात का नया रास्ता नहीं, बल्कि रोजाना की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत का माध्यम बनेगा।

तीसरी रेल लाइन के कारण बदला गया डिजाइन
आरओबी की निविदा प्रक्रिया वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। बाद में रेलवे की तीसरी लाइन प्रस्तावित होने के कारण कुल पांच लाइनों के लिए पुल के डिजाइन में संशोधन करना पड़ा। जिससे निर्माण कार्य में विलंब हुआ। करीब सात मीटर चौड़े पुल का काम अब अंतिम चरण में है। पिछल दिनों हुई अत्याधिक बारिश के कारण चुनार नगर की ओर पहुंच मार्ग बनाने में कुछ समय लग रहा है।

चुनार में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। चुनार नगर की ओर अप्रोच रोड का निर्माण शेष है। बारिश के कारण इस कार्य में कुछ समय लग रहा है। शेष कार्यों को तेजी से पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि दिसंबर तक पुल को आवागमन के लिए खोलकर लोगों को रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से राहत दिलाई जा सके।

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जनक कुमार सिंह, एजीएम सिविल, डीएफसीसीआईएल, डीडीयू