जागरण संवाददाता, मीरजापुर : डिप्टी सीएम के आदेश के बावजूद शास्त्री सेतु की मरम्मत के लिए मिलने वाली धनराशि को अभी तक शासन की ओर से जारी नहीं किया गया है। इससे पुल मरम्मत का मामला एक बार फिर खटाई में पड़ता दिख रहा है। अधिकारी भी असमंजस में है कि काम शुरू होगा या नहीं। वहीं वाहन मालिक भी बजट जारी किए जाने की आस लगाए बैठे जिससे मरम्मत कार्य शुरू कर सके।

शास्त्री सेतु को दिल्ली और लखनऊ के इंजीनियरों की जांच टीम ने जर्जर बताते हुए इसकी मरम्मत कराने को कहा था। मरम्मत पर लगभग आठ करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आना बताया था। चेताया था कि जबतक इसकी मरम्मत पूर्ण नहीं हो जाती है तबतक इसपर बड़े वाहनों का संचालन करना खतरे से खाली नहीं है। इसलिए तत्काल इसपर हो रहे आवागमन पर रोक दिया जाए। जिसके बाद प्रशासन ने इसपर से बड़े वाहनों के आने जाने पर पाबंदी लगा थी। पुल पर आवागमन न होने से पूर्वाचल का ट्रांसपोर्ट धंधा पूरी तरह से चरमा गया। वहीं टोल टैक्स के लोगों की चांदी हो गई। इसको देखते हुए वाहन मालिकों ने जिले में कुछ महीने पहले डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के आगमन की जानकारी होने पर उनसे जाकर मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया। इसपर उन्होंने भरे मंच से पुल मरम्मत के लिए धनराशि को जारी करने का ऐलान किया था। लेकिन उनके ऐलान को चार महीने बीत चुके हैं फिर भी अभी तक शासन की ओर से पुल की मरम्मत के लिए एक रुपया भी नहीं आया है। इसको लेकर मोटर मालिकों में आक्रोश है। विध्य ट्रकर एसोसिएशन के अध्यक्ष राजू चौबे, दिनकर मिश्रा, पवन कुमार, आदि लोगों ने डिप्टी सीएम से तत्काल बजट जारी कराने की मांग की।

Posted By: Jagran

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