मीरजापुर के अंडरपास में भरे पानी में फंसी सरकारी बस, लोग बोले - 'सरकारी व्यवस्था ही डूब रही है तो जनता का क्या हाल होगा?'
मीरजापुर के विंध्याचल में भारी बारिश के कारण पटेंगरा नाला में एक सरकारी बस गहरे पानी में फंस गई, जिससे ...और पढ़ें
HighLights
मीरजापुर के पटेंगरा नाला में सरकारी बस फंसी।
भारी बारिश से जल निकासी व्यवस्था की खुली पोल।
स्थानीय लोगों ने सरकारी लापरवाही पर उठाए सवाल।
जागरण संवाददाता, मीरजापुर। बारिश ने विंध्याचल क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। विंध्याचल के पटेंगरा नाला में एक रोडवेज बस गहरे पानी में फंसकर बंद हो गई। जलस्तर इतना अधिक रहा कि बस सड़क पर खड़ी कम और पानी में तैरती अधिक नजर आई। मौके से बनाए गए वीडियो में बस को पानी से घिरा देख लोग व्यवस्था पर सवाल उठाते सुनाई दे रहे हैं।
बताया गया कि रात से ही मार्ग बंद है। मौके का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो में लोगों की टिप्पणी ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। वह कह रहे हैं कि जब सरकारी व्यवस्था ही डूब रही है तो जनता का क्या हाल होगा। लोगों का कहना है कि पटेंगरा नाला में इतना पानी उन्होंने पहले कभी नहीं देखा। रात से ही मार्ग पर आवागमन बंद होने जैसी स्थिति बनी हुई है। पानी सड़क के ऊपर से बहने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है।
पहाड़ का पानी यहीं से पहुंचता है गंगा में
स्थानीय लोगों के अनुसार आसपास के पहाड़ी क्षेत्र से आने वाला बरसाती पानी इसी रास्ते से होकर गंगा नदी में पहुंचता है। ऐसे में लगातार बारिश के दौरान पटेगरा नाला पर पानी का दबाव बढ़ जाता है। आरोप है कि जलनिकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से सड़क देखते ही देखते जलमग्न हो गई और सरकारी बस भी इसकी चपेट में आ गई।
एक बस फंसी है, लेकिन सवाल पूरी व्यवस्था पर है
अगर सरकारी बस चालक को पानी की गहराई का अंदाजा नहीं हुआ और बस बीच जलभराव में फंस गई तो आम राहगीर की सुरक्षा का क्या। क्या बारिश से पहले इस मार्ग की जलनिकासी व्यवस्था की जांच हुई थी। क्या संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया। क्या पानी बढ़ने पर यातायात रोकने के लिए कोई तत्काल व्यवस्था है। और सबसे अहम- अगर आज बस फंसी है तो कल कोई परिवार, बाइक सवार या स्कूली बच्चा भी इसी पानी में फंस सकता है। तब जिम्मेदारी किसकी होगी?
हादसे का इंतजार क्यों
स्थानीय लोगों का कहना है कि पटेगरा नाला में इतना पानी पहले कभी नहीं देखा गया। यदि तत्काल निकासी नहीं हुई और बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर जांच कराने, पानी की निकासी कराने और आपात व्यवस्था बनाने की मांग की है।
आपात व्यवस्था पर सवाल
सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारी बारिश और पहाड़ी पानी के दबाव की स्थिति में यहां आपात जलनिकासी की व्यवस्था क्या है। यदि पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो राहगीरों के साथ किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
