मीरजापुर, जागरण संवाददाता: प्रयागराज के मांडा से अपहरण किए गए अधिवक्ता मंगलवार की सुबह विंध्याचल के विजयपुर स्थिति कुशियरा जंगल से बरामद किए गए। बदमाशों ने उनका अपहरण करने के बाद हाथ बांधकर कुशियरा जंगल में छोड़ दिया था। भोर में दौड़ने वाले लड़कों ने उनको जंगल में देखा तो पुलिस को सूचना दी।

प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के अछोला गांव निवासी आशुतोष द्विवेदी पुत्र अश्वनी द्विवेदी 19 जनवरी को सत्र न्यायालय प्रयागराज गए थे। शाम को घर लाैटने के दौरान मांडा क्षेत्र के पास कुछ वाहन सवार मिले और उनका अपहरण कर लिए। उन्हें मारा-पीटा और हाथ बांध दिया। बेहोश होने पर उन्हें मृत समझ लिया और कुशियरा जंगल में ले जाकर फेंक दिया। इसके बाद फरार हो गए।

गुमशुदगी की तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज

उधर 19 जनवरी की रात तक आशुतोष घर नहीं पहुंचे तो स्वजन उनके मोबाइल पर फोन करने लगे। काफी देर तक मोबाइल बंद बताने लगा तो इसकी शिकायत करछना थाने पर की। पुलिस ने भी छानबीन की, लेकिन वह नहीं मिले तो उनके गुमशुदगी की तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज किया।

दौड़ लगाने वाले लड़कों ने पड़ा देखा

विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र के विजयपुर जंगल से दौड़ लगाने वाले लड़कों ने जब पुलिस को सूचना दी कि हाथ बंधा हुआ व्यक्ति जंगल में पड़ा है तो पुलिस मौके पर पहुंची। आशुतोष के हाथ का रस्सी खोला और उन्हें विंध्याचल थाना ले आई। इसके बाद उनके स्वजन से बात की गई। पता चला कि आशुतोष के गुमशुदगी की रिपोर्ट प्रयागराज के करछना थाने में दर्ज है। आशुतोष के मुताबिक वह अधिवक्ता हैं।

इनका कहना है

विंध्याचल के विजयपुर पहाड़ी पर मंगलवार सुबह एक व्यक्ति मिला है। उसका हाथ बंधा हुआ था। उनकी गुमशदगी की रिपार्ट प्रयागराज के करछना थाने में दर्ज है। वहीं से अपहरण किया गया था। मामले की जांच की जा रही है कि किसने अपहरण की घटना को अंजाम दिया। -श्रीकांत प्रजापति, अपर पुलिस अधीक्षक नगर, मीरजापुर।

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN

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