चुनार रेलवे यार्ड में अचानक बजने लगा सायरन मची अफरा तफरी, रेल हादसे का दृश्य देखकर सभी चौंके
चुनार रेलवे यार्ड में ट्रेन दुर्घटना और आग लगने की काल्पनिक स्थिति का मॉक ड्रिल किया गया, जिसमें रेलवे, एनडीआरएफ ...और पढ़ें

चुनार रेलवे यार्ड में ट्रेन दुर्घटना का सफल मॉक ड्रिल, आपदा तैयारियों का हुआ परीक्षण।
HighLights
चुनार रेलवे यार्ड में ट्रेन दुर्घटना का मॉक ड्रिल।
एनडीआरएफ और रेलवे ने बचाव कार्य का अभ्यास किया।
आपातकालीन प्रतिक्रिया और समन्वय का आकलन किया गया।
जागरण संवाददाता, चुनार (मीरजापुर)। चुनार रेलवे स्टेशन के यार्ड स्थित गुड्स शेड में मंगलवार को ट्रेन दुर्घटना और आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव की तैयारियों को परखा गया। मॉक ड्रिल में गाड़ी संख्या 00123 दीनदयाल उपाध्याय नगर-प्रयागराज पैसेंजर के पटरी से उतरने और एस-1 कोच में आग लगने का परिदृश्य तैयार किया गया।
ट्रेन मैनेजर और लोको पायलट ने स्टेशन अधीक्षक चुनार जंक्शन तथा रेलवे कंट्रोल को सूचना दी। इसके बाद रेलवे, अग्निशमन, पुलिस और चिकित्सा विभाग की टीमें सक्रिय हुईं। रेलवे एवं अग्निशमन कर्मियों ने संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पाने का अभ्यास किया।
अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) एमएम वारिस के नेतृत्व में हुए अभ्यास में उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल, 11वीं बटालियन एनडीआरएफ वाराणसी और जिला प्रशासन के संयुक्त अभ्यास में करीब 200 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।

एनडीआरएफ के 37 जवानों ने कोच की खिड़की और छत काटकर प्रवेश मार्ग बनाया। रोपवे की मदद से घायल और बेहोश यात्रियों को बाहर निकालकर मेडिकल टीम को सौंपा गया। घायलों को प्राथमिक उपचार देने और गंभीर लोगों को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी परखी गई।
अभ्यास में सूचना के त्वरित आदान-प्रदान, आपात संसाधनों के इस्तेमाल और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल पर विशेष जोर रहा।
वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी यूसी शुक्ला ने कहा कि ऐसे अभ्यासों से विभागों की तत्परता का आकलन होता है और सामने आई कमियों को दूर कर वास्तविक दुर्घटना में बचाव कार्य अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।

एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट आशीष चौहान ने भी उपकरणों की कार्यक्षमता और टीमों के समन्वय को परखने में मॉक ड्रिल को महत्वपूर्ण बताया।
अभ्यास में उप मुख्य संरक्षा अधिकारी ओपी सिंह, एडीईएन संजय चौधरी, अग्निशमन अधिकारी अनिल प्रताप सरोज, स्टेशन अधीक्षक मेजर सिन्हा और आरपीएफ प्रभारी राजीव राणा सहित रेलवे के विभिन्न विभागों, सिविल डिफेंस, स्काउट-गाइड, एसपीएआरएमवी प्रयागराज, एआरटी प्रयागराज तथा सीएचसी चुनार की टीमें मौजूद रहीं।
इस संयुक्त अभ्यास से प्राप्त अनुभव के आधार पर आपदा प्रबंधन की कार्यप्रणाली एवं तैयारियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। रेलवे, एनडीआरएफ एवं जिला प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया से आपातकालीन परिस्थितियों में जनहानि को न्यूनतम करने में सहायता मिलेगी।
