अपना दल एस को झटका, पूर्व सांसद पकौड़ी कोल ने छोड़ा दामन, बनाई विंध्य समता समाज पार्टी
पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने अपना दल एस को झटका देते हुए 'विंध्य समता समाज पार्टी' का गठन किया ...और पढ़ें

पकौड़ी लाल कोल ने बनाई नई पार्टी विंध्य समता समाज पार्टी, अपना दल एस को बड़ा झटका।
HighLights
पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने नई पार्टी बनाई।
विंध्य समता समाज पार्टी का गठन, बने राष्ट्रीय अध्यक्ष।
अपना दल एस छोड़कर कोल समाज के विकास का संकल्प।
जागरण संवाददाता लालगंज(मीरजापुर)। क्षेत्र के बनकट गांव में स्थित एक निजी विद्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में विगत 18 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने अपनादल एस को झटका देते हुए विंध्य समता समाज पार्टी का गठन किया है। उन्होंने स्वयं पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व संभालते हुए इंटरनेट मीडिया पर इसकी घोषणा किया है।
नई पार्टी की घोषणा करते हुए बतौर राष्ट्रीय अध्यक्ष उन्होंने अपना एजेंडा को स्पष्ट करते हुए कहा है कि नई पार्टी सर्वसमाज के गरीबों, मजदूरों, किसानों और व्यापारियों की आवाज बनने का संकल्प दोहराया।
राबर्टसगंज के पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल की बहु रिंकी कोल वर्तमान में अपना दल एस के टिकट पर विधानसभा छानबे से विधायक है। अपना दल एस के टिकट पर ही पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल भी राबर्ट्सगंज लोकसभा से सांसद चुने गए थे। बैठक में पूर्व सांसद ने एमएलसी चुनाव में किसी निर्दल प्रत्याशी का समर्थन करते देखे गए।
पूर्व सांसद पकौड़ी लाल कोल ने राजनीतिक सफर वर्ष 1994 में रिपब्लिकन पार्टी से शुरुआत की, फिर अपना दल, फिर बसपा से जुड़े। वर्ष 2002-2003 में बसपा से छानबे विधानसभा से विधायक बने। वर्ष 2009-2014 में रॉबर्ट्सगंज से सांसद - पहली बार समाजवादी पार्टी से जीते थे। फिर 2014 में चुनाव हार गए।
27 मार्च 2019 को सपा छोड़कर अपना दल (एस) में शामिल हुए। वर्ष 2019-2024 में दोबारा रॉबर्ट्सगंज से सांसद - अपना दल (एस) + भाजपा गठबंधन से सांसद बने थे। संसद में वो उद्योग समिति और भारी उद्योग मंत्रालय की परामर्श समिति के सदस्य रहे हैं।
2024 लोकसभा चुनाव में अपना दल (एस) ने उनका टिकट काटकर उनकी बहू रिंकी कोल को रॉबर्ट्सगंज से प्रत्याशी बना दिया था। इससे नाराज होकर 13 जनवरी 2025 को मिर्जापुर में कोल समाज की बैठक में उन्होंने अपना दल (एस) छोड़ने का ऐलान कर दिया और नई पार्टी "विंध्य समता मूलक समाज पार्टी" बनाने की घोषणा की। उनका कहना था कि बिना अलग संगठन के कोल समाज का विकास नहीं होगा।
