जासं, मीरजापुर :

विविध नामों से प्रसिद्ध महादेव की महिमा निराली है। इन्हें भोलेनाथ, शिव, शंकर, महादेव, रुद्र एवं भक्त गण तो इन्हें बौरहवा बाबा के नाम से भी पुकारते हैं। जगत के कल्याणकारक भोलेनाथ को तो अपने भक्तों की प्रसन्नता ही प्रिय है। इसलिए भक्त के भाव से प्रसन्न होने वाले देवों के देव महादेव सावन में अपनी कृपा की बरसात करते हुए प्रतिदिन अभिषेक ग्रहण कर सुख सम्पदा का वरदान देते हैं।

बाबा के दर पर आकर गुहार लगाने वालों को कभी निराश नही होना पड़ता। उसकी खाली झोली बाबा अवश्य भरते हैं। सावन माह में बाबा की साधना, आराधना करने से भक्तों की समस्त मनोकामना अति शीध्र पूरी होती है। बाबा भोलेनाथ अपने भक्तों की समस्त वेदना, दारिद्र समेत समस्त बाधाओं का हरण कर अपने भक्तों को अभय प्रदान करते हैं। बाबा की आराधना भक्ति भाव से करने वाले भक्त को सब कुछ मिल जाता है जिसकी वह कामना करता है। बाबा की कृपा पाने के लिए बस भक्ति भाव की आवश्यकता होती है। बाबा भोलेनाथ के दर पर आने वाले भक्त सच्चे मन से अगर शिव पंचाक्षर मंत्र ओम नम: शिवाय का जप करते हैं तो जप मात्र से भगवान शंकर प्रसन्न होकर समस्त सिद्धि को प्रदान करते हैं। भक्त द्वारा अर्पित गंगाजल, बेलपत्र, मदार का फूल, धतूरा और नैवेद्य के रूप में भांग का भोग लगने पर भक्त को मुंह मांगा वरदान स्वत: मिलता है। सावन माह में बाबा के दर से मुरादों की झोली भरने वाले भक्तों का तांता लगा रहता है । पूरे बारह महीने में सावन माह ही ऐसा है जब भोलेनाथ पूरे महीने में अपने भक्तों की ही सुनते हैं। भक्त प्रभु की सदैव अनुकम्पा उनके परिवार पर बनी रहे इसलिए सावन माह को प्रभु की कृपा पाने का कोई अवसर नही छोड़ते। दया निधान की कृपा पाने वाले भक्त के लिए कुछ भी दुर्लभ नही होता । महादेव की साधना गंगा जल एवम बेलपत्र से करने वाले भक्तों को यहा भटकना नही पड़ता । गंगा स्नान और शिव का पूजन करने वाले भक्त को दु:ख और दरिद्रता से मुक्ति मिल जाती है।

- पं. राजा त्रिपाठी, त्रिमोहानी, मीरजापुर।

Posted By: Jagran

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