जागरण संवाददाता, मीरजापुर : जनपद में उर्दू शिक्षा की तालीम देने के लिए चल रहे 158 मदरसों में तालाबंदी होने के आसार बढ़ गए हैं। इन मदरसों में छात्रों का नामांकन नहीं होने के कारण विभाग इनकी समाप्त करने की तैयारियों में जुट गया है। एकीकृत जिला शैक्षिक सूचना प्रणाली (यू-डायस) के लिए विद्यालयों को डीसीएफ (डाटा कैप्चर फॉर्मेट) नहीं भरने के कारण मामले का खुलासा हुआ। सरकार द्वारा कोई मदद नहीं मिलने के कारण शिक्षकों को समय से वेतन और अन्य व्यवस्थाएं नहीं हो पा रही है। जिसके चलते मदरसा विद्यालयों के संचालकों ने स्कूल संचालन से हाथ खड़े कर लिए हैं।

वर्तमान समय में जनपद में 374 मदरसा संचालित हो रहे हैं। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी विनोद जायसवाल के अनुसार इन मदरसों में एक भी विद्यार्थी का नामांकन नहीं के बराबर मिला कई तो ऐसे मदरसे हैं जो एकदम से बंद हैं, जिसके चलते अब इनका पंजीकरण निरस्त करके बंद करने का फैसला लिया गया है। जनपद के 158 मदरसे बंद हो सकते हैं। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक देवकी सिंह ने यूडायस पर विवरण फीड नहीं कराने वाले 345 स्कूलों को सख्त चेतावनी के साथ डाटा फीड कराने का निर्देश दिया है। बताया कि माध्ममिक के 129 और बेसिक के 216 स्कूलों ने डाटा फीड नहीं कराया हैं। बता दें कि स्कूल में शैक्षिक सुधार के लिए स्कूलों का डाटा एकत्र किया जा रहा है। इसमें स्कूल का नाम, बच्चों, शिक्षकों की संख्या, कमरे, चारदीवारी, शौचालय व हैंडपंप आदि से संबंधित जानकारी शामिल होती है। कई बार निर्देश के बावजूद अभी तक जनपद के 345 स्कूलों व मदरसों ने डाटा फीड नहीं कराया है।

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