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World Heart Day: दिल का ख्याल रखने को सोने से 2 घंटे पहले स्क्रीन को कहें 'NO', युवाओं में भी बढ़ा हार्ट अटैक का खतरा 

By Dileep Patel Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Mon, 28 Sep 2026 02:34 PM (IST)

World Heart Day 2026: हृदय रोग विशेषज्ञ आगाह कर रहे हैं कि देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर की ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो

प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. देर रात स्क्रीन से मेलाटोनिन कम, जैविक घड़ी खराब।

  2. 30-40 साल के युवा हृदय रोग के शिकार बन रहे हैं।

  3. सोने से 2 घंटे पहले स्क्रीन बंद करें, 7-8 घंटे सोएं।

दिलीप पटेल, मेरठ। 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस है। इस बार इस दिवस की थीम Don't miss a beat (दिल की धड़कन से न चूकें) है। इसके तहत हृदय रोगाें के लक्षणों की पहचान करना व दिल के स्वास्थ्य की रक्षा करने पर लोगों को जागरूक करने पर जाेर दिया जा रहा है।  

इस अवसर पर हृदय रोग विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि देर रात तक मोबाइल, लैपटाप और कंप्यूटर की नीली रोशनी (ब्लू लाइट) के संपर्क में रहने से दिल की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है।

अनिद्रा के शिकार होकर हृदय रोग की गिरफ्त में लोग आ रहे हैं। रात में स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल शरीर में नींद लाने वाले मेलाटोनिन हार्मोन के स्तर को कम कर देता है। इससे जैविक घड़ी (बायोलाजिकल क्लाक) खराब हो रही है। जिससे दिल की धड़कन बिगड़ने, ब्लड प्रेशर बढ़ने और कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है।

30 से 40 साल के युवा बन रहे हृदय रोगी

मेडिकल कालेज के कार्डियोलाजी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एक जनवरी से 25 सितंबर तक लगभग 35 हजार से ज्यादा दिल के मरीज इलाज के लिए पहुंचे। जिनमें से 40 प्रतिशत मरीजों की उम्र 30 से 40 साल के बीच थी। यही स्थिति प्राइवेट अस्पतालों में देखी जा रही।

रात में मोबाइन पर सक्रिय रहने से बिगड़ता है नींद का पैटर्न: डाॅक्टर संजीव सक्सेना  

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वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर संजीव सक्सेना कहते हैं कि स्क्रीन पर देर रात तक रहने से मेलाटोनिन हार्मोन की कमी हो जाती है, जिससे नींद का पैटर्न बिगड़ता है। यह बाॅयोलाजिकल क्लाक को प्रभावित कर हृदयाघात, पैरों में थक्के बनने जैसी समस्याएं पैदा करता है।

अनियमित दिनचर्या से पनपती हैं दिल की बीमारियां: डाॅक्टर राजीव अग्रवाल 

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वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅक्टर राजीव अग्रवाल के अनुसार शरीर म्यूजिकल आर्केस्ट्रा की तरह है। जो दिन-रात के हिसाब से काम करता है। अनियमित दिनचर्या से शुगर, ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियां पनपती हैं। रोजाना सात-आठ घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है। क्योंकि अनिद्रा के शिकार होकर लोग हृदय रोगी बन रहे हैं।

हर साल हृदय रोगियों की संख्या में दोगुना वृद्धि: डाॅक्टर धीरज सोनी 

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मेडिकल कालेज के कार्डियोलाजी विभागाध्यक्ष डाॅक्टर धीरज सोनी के अनुसार मेडिकल कॉलेज में इस साल हृदय रोगियों की संख्या में दोगुना वृद्धि हुई है। पहले माना जाता था कि दिल की बीमारी धूम्रपान, तनाव, मोटापा, डायबिटीज और खराब खान-पान की वजह से होती है, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में अनिद्रा के कारण युवा हृदय रोगी बन रहे हैं। ज्यादातर कामकाजी युवा प्रभावित है।

हार्ट अटैक से बचाव के लिए विशेषज्ञों के टिप्स 

  • सोने से दो घंटे पहले मोबाइल व स्क्रीन बंद करें। नीली रोशनी के प्रभाव से बचने के लिए सोने से पहले डिजिटल डिवाइस का प्रयोग रोक दें।
  • सात से आठ घंटे की नींद लें। रोजाना पर्याप्त गहरी नींद पूरी करना शरीर की जैविक घड़ी के लिए जरूरी है।
  • शारीरिक गतिविधियां अपनाएं। रोज कम से कम आधे घंटे टहलें या खुले स्थान पर योग करें।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरी है।30 साल की उम्र के बाद कोलेस्ट्राल, शुगर, बीपी, इको, ईसीजी और स्ट्रेस टेस्ट जरूर कराएं।
  • धूमपान और अल्कोहल से दूरी बनाएं तथा भोजन में वसा की मात्रा नियंत्रित रखें। जंकफूड के सेवन से बचे। पांच ग्राम से ज्यादा नमक का सेवन दिनभर में न करें।
  • बीएमआई और कोलेस्ट्राल का संतुलन जरूरी है। बीएमआई बाडी मास इंडेक्स 20 से 25 के बीच रखें और एलडीएल स्तर को 50 के आसपास बनाए रखें।