मेरठ, जेएनएन। हर युवा आज सफल होना चाहता है। सफलता के लिए वह मेहनत भी कर रहा है, लेकिन सफलता के लिए सबसे जरूरी चीज है खुद के प्रति ईमानदार रहना। छात्र अपनी कमियों और अपनी अच्छाइयों को जानने के लिए खुद का आकलन कर सकते हैं। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित कार्यशाला में काउंसलर दिनेश पाठक ने ये बातें कहीं।

डायरी बनाने के फायदे

शुक्रवार को दीवान बीएस इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित कार्यशाला में पाठक छात्रों से रूबरू हुए। उन्होंने छात्रों को कैरियर काउंसलिंग के साथ टाइम मैनेजमेंट करने का तरीका भी बताया। जिसमें उन्होंने हर छात्र -छात्रा को एक डायरी बनाने के लिए कहा। जिसमें वह अपनी कमियों और अच्छाइयों का अलग-अलग कॉलम में लिखने को कहा। डायरी में 30 दिन तक छात्रों को अपने दिन भर की घटनाओं और कार्यों को ईमानदारी से उल्लेख करने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि टाइम मैनेजमेंट के लिए इससे अच्छा तरीका कोई नहीं हो सकता। 30 दिन के एक्सरसाइज में छात्र अपने में बदलाव को देख सकेंगे।

जरूरतें तेजी से बदल रही

उन्होंने कहा कि आज इंडस्ट्रीज की जरूरत तेजी से बदल रही है। कॉलेज सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ इंडस्ट्रीज से तालमेल भी कर रहे हैं। इसमें छात्रों की भी जिम्मेदारी है कि वह अपने ज्ञान को अपडेट करते चलें। इसके लिए सबसे आसान तरीका है कि वह नए नए विषयों पर किताबों को पढ़ते रहें। कार्यशाला के दौरान छात्राओं ने कई सवाल भी पूछे। छात्रों की उत्सुकता प्लेसमेंट कंपनियों के इंटरव्यू और अपने को ग्रूमिंग करने को लेकर थी। 

Posted By: Prem Bhatt

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