मेरठ, जेएनएन। औरैया की घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसी भी प्रवासी श्रमिक को पैदल जाते और ट्रकों में रोकने के आदेश दिए हैं। उसी के तहत इन्हें मेरठ में विभिन्न स्थानों से पकड़ा गया है। उन्हें रात को रोडवेज बस अड्डा लाया गया। ये सभी रात 11 बजे कतार में बैठे थे। उनमें महिलाएं और छोटे बच्चे भी थे। दिल्ली द्वारिका सेक्टर 13 से आए रामाश्रय ने बताया कि उसके साथ 14 लोग हैं।

पैदल ही दिल्ली से चला था। रास्ते में एक पिकप पर सवार हो गए। मेरठ की सीमा में पुलिस ने पकड़ लिया। हालांकि उसने बताया कि वहां पर उसे भोजन मिला और बच्चों को दूध भी दिया गया। मां की गोद में लेटे बच्चों के रोने के आवाज जरूर बस अड्डे के सन्नाटे को तोड़ रही थी। बताया कि उन्हें दो घंटे पहले भैसाली बस अड्डे लाया गया है कहा गया है कि बस से भिजवाया जाएगा। बस कब जाएगी पता नहीं। हरदोई निवासी एक युवक ने बताया कि वह लुधियाना से अपने दो साथियों के साथ पैदल जा रहा था उसे भी पुलिस ने रोक लिया। इस तरह के 50-60 लोग बस अड्डे पर समूह बना कर बैठे थे।

कामगारों में बिहार और सीतापुर जा रहे लोग भी थे। यह सभी पैदल जा रहे थे। डा. देवेंद्र ने बताया कि यह सभी तहसील से आई टीम की निगरानी में हैं। इनकी थर्मल स्क्री¨नग कर नाम पता नोट करने की कार्रवाई की जा रही है। सवा पांच सौ कामगारों को बसों से भेजा कंकरखेड़ा स्थित कोर्सा रिसार्ट से रविवार को 525 कामगारों को बसों से उनके गृह जनपद रवाना किया। मेरठ परिक्षेत्र की 20 रोडवेज बसों से कामगार गए। इसके पहले उन्हें भोजन के पैकेट दिए गए। बसें के लिए लोगों को तीन से चार घंटे इंतजार करना पड़ा।

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