मेरठ, जेएनएन। ज्यादातर महिलाएं अपने जीवन में कभी न कभी छेड़छाड़ का शिकार बनती हैं। साथ ही आए दिन मनचलों की अश्लील टिप्पणी का भी सामना करना पड़ता है। महिलाओं के साथ खुलेआम इस तरह का व्यवहार होता है और हम लोग सिर्फ तमाशबीन बनकर इस अपराध को होने देते हैं। समाज ने अपनी आंखें मूंद ली हैं तो अब महिलाओं को खुद ही सशक्त होना होगा। खुद ही इसके खिलाफ लड़ना होगा।

दैनिक जागरण की ओर से महिलाओं को पुरुषों के समान अधिकार दिलाने के लिए 10 दिवसीय जागरूकता मुहिम में रविवार को महिलाओं को आत्मरक्षा के गुर सिखाए गए। व‌र्ल्ड वूमेन कराटे फेडेरेशन की मुख्य ट्रेनर असमा सैफी व मौ. जाहिद ने साकेत स्थित राठी कॉम्प्लेक्स में प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान कहा कि महिलाएं खुद को कमजोर समझकर दूसरों पर निर्भर हो जाती हैं। महिलाएं अगर थोड़ा सी भी सजग रहें तो वो खुद ही छेड़छाड़ करने वाले का सामना कर सकती हैं। आत्म रक्षा करने की तकनीक

-अगर कोई पीछे से वार करता है तो एकदम उसकी ओर मुड़कर उसके कंधे पर वार करें। साथ ही उसकी नाक पर जोरदार वार करें।

-अगर कोई सामने से वार करने प्रयास करे तो उसकी गर्दन को जकड़ें और अपने दोनों अंगूठों को उसकी गर्दन में घुसा दें।

-अगर सामने से कोई जानबूझकर कंथा मारे तो झटके से उसकी कलाई को पकड़ें और जमीन पर पटखनी दें।

-पीछे से अगर किसी ने आपको मजबूती से जकड़ लिया हो तो उसकी एक अंगुली को विपरीत दिशा में पूरे बल के साथ मोड़ दें। इन्होंने कहा

अगर शुरू से ही उंन्हें इस प्रकार का प्रशिक्षण मिला होता। भूतकाल में हुई घटनाओं को काफी हद तक रोक सकती थी।

-रीना गोयल हर लड़की को आत्मरक्षा करने की सारी तकनीक आनी चाहिए। उन्हें किसी पर भी निर्भर नहीं रहना चाहिए। यह एक सराहनीय प्रशिक्षण था।

-वसुंधरा समय-समय पर ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना चाहिए। हर लड़की को आत्मरक्षा प्रशिक्षण लेने को जागरूक करना चाहिए।

-शील जोशी प्रत्येक स्कूल में इस प्रकार की प्रशिक्षण कार्यशाला को अनिवार्य कर देना चाहिए। महिलाएं खुद में ही सक्षम होंगी तो किसी से मदद नहीं मांगनी पडे़गी।

-विमला जोशी

Posted By: Jagran

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