मेरठ, जेएनएन। छावनी परिषद ने स्वच्छता अभियान में एक अनूठी पहल की है। पहली बार इसमें महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है। माहवारी के दौरान होने वाले वेस्ट के निस्तारण के लिए पूरा कार्यक्रम तय किया गया है। इसमें हर घर को एक पिंक थैला दिया जाएगा, जिसमें वह डोमेस्टिक हाजार्डस वेस्ट को रखेंगी। इसे सूखा और गीला कूड़ा से अलग कर्मचारी एकत्रित करेंगे।

गुरुवार को छावनी परिषद की महिला सदस्यों की सीईओ प्रसाद चव्हाण के साथ बैठक हुई। इसमें घर-घर से महिला के माहवारी के दौरान होने वाले वेस्ट को भी नियमानुसार निस्तारण की रूपरेखा बनाई गई। साथ ही महिलाओं में जागरूकता अभियान चलाने के लिए कहा गया। महिला सदस्यों में रिनी जैन, बुशरा कमाल, बीना वाधवा, मंजू गोयल के साथ एडिशनल सीईओ ममता के बीच इस पर चर्चा हुई। अभी तक देश में गीले और सूखे कचरे को अलग- अलग करने का प्रावधान किया गया है। पहली बार मेरठ छावनी ने प्रयोग के बाद सेनेटरी पैड से महिलाओं को संक्रमण से बचाने की योजना बनाई गई। इसमें अलग से डस्टबिन रखने की योजना पर काम करने का निश्चय किया गया है। कैंट के एई पीयूष गौतम ने बताया कि हॉस्पिटल के वेस्ट की तरह इसका अलग से निस्तारण होना चाहिए।

महिलाओं को किया जाएगा जागरूक

बैठक में सभी सदस्यों ने पूरे क्षेत्र की महिलाओं को जोड़ने का अभियान चलाने की रूपरेखा तैयार की। रिनी जैन ने कहा कि इसके लिए एक महिला टीम का गठन भी किया जाए। मंजू गोयल ने कहा कि आज हर स्तर पर परिवार में महिला को वेस्ट के लिए जागरूक किया जाना आवश्यक है। बीना वाधवा ने कहा कि देश में सब लोग सेनिटरी पेड के इस्तेमाल की बात करते हैं, लेकिन इसके निस्तारण न होने से यह प्लास्टिक की तरह बड़ी समस्या है। एडिशनल सीईओ ममता ने बताया की इसके लिए कैंट बोर्ड स्टाफ को भी स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है। सदस्य नीरज राठौर सदस्य ने कहा की सारे परिवार को भी इसको जानने की जरूरत है क्योंकि असर पर्यावरण पर भी पड़ता है।

Posted By: Jagran

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