सहारनपुर, जेएनएन। कोरोना वायरस ने कई परिवार तबाह कर दिए। किसी के घर से इकलौता औलाद चला गया तो किसी के सिर से मां-बाप का साया ही उठ गया। ऐसी हृदय विदारक मामला सामने आया है, जो आपको भी अंदर से झकझोर देगा। बुधवार को कोरोना पीड़ित व्यापारी की मेडिकल कालेज में इलाज के दौरान मौत हो गई। पति की मौत के सदमा पत्नी बर्दाश्‍त नहीं कर पाई। जिसके बाद पत्‍नी ने खौफनाक कदम उठा लिया। मौत की सूचना मिलते ही व्‍यपारी की पत्‍नी ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। इस घटना को सूनने के बाद लोगों की आंखे छलक उठी। अब परिवार में सिर्फ तीन बेटियां बची हैं।

उत्‍तर प्रदेश के सहारनपुर में डिंपल गुर्जर मूलरूप से रामपुर मनिहारान क्षेत्र के जंधेड़ा गांव के रहने वाले थे। उनके बड़े भाई संजय वर्मा ने बताया कि उनकी कोर्ट रोड पर डीआइजी आफिस के पास फोटोस्टेट की शाप है। वह कई वर्षो से स्वजन के साथ कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र की पंजाबी कालोनी में रह रहे थे। तीन दिन पहले डिंपल को कोरोना संक्रमित होने पर पिलखनी स्थित सहारनपुर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया था। मंगलवार देर रात उनकी मौत हो गई।

सदमा नहीं सह पाई पत्‍नी

पति की मौत की खबर सुनकर वह सदमा बर्दाश्‍त नहीं कर सकी। जिसके बाद व्‍यापारी की पत्नी सुनिता ने बुधवार तड़के जहर खा लिया। परिजनों को जानकारी होते ही सुनिता को नर्सिग होम ले गए लेकिन उनकी मौत हो गई। सुनिता की बड़ी बेटी नौ साल की है और सबसे छोटी बेटी डेढ़ साल की। छोटी बेटी अभी यह भी नहीं समझ पाई है कि उसके सिर से मां-बाप का साया उठ गया है। व्यापारी का अंतिम संस्कार कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप हुआ जबकि पत्नी का अंतिम संस्कार गांव में स्वजन ने किया।

दो साल पहले बेटे की हो गई थी मौत

व्‍यापारी के परिवार में अब सिर्फ तीन बेटियां ही हैं, जिनकी देखरेख करने वाला अब शायद कोई नहीं है। इनमे से एक तो इतनी छोटी है कि उसे आभास नहीं कि उसके सिर से मां बाप का साया उठ चुका है। व्‍यापारी डिंपल के बेटे की करीब दो वर्ष पहले छत से गिरकर मौत हो गई थी। जिसकी याद अभी परिवार से आझल भी नहीं हुई थी कि इस हादसे ने तीनों बेटियों और रिश्‍तेदारों पर गहरा आघात किया है।