सोने से पहले एक गिलास पानी जरूर पीएं... दरअसल, सर्दी के मौसम में पानी की कमी बढ़ा सकती है स्ट्रोक का खतरा
सर्दियों में पानी की कमी से खून गाढ़ा होकर स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकती है, विशेषज्ञों ने सोने से पहले ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
सर्दियों में पानी की कमी से स्ट्रोक का खतरा।
सोने से पहले एक गिलास पानी पीना आवश्यक।
विश्व स्ट्रोक दिवस पर बचाव के उपाय जानें।
जागरण संवाददाता, मेरठ। सर्दियों में अक्सर प्यास कम हो जाती है, जिससे हम पानी पीना बहुत कम कर देते हैं। क्या आप जानते हैं कि शरीर में पानी की कमी आपके खून को गाढ़ा कर सकती है। खून गाढ़ा होने से दिमाग की नसों में थक्के जमने का खतरा बढ़ जाता है, जो सीधे मस्तिष्क के दौरे (स्ट्रोक) की वजह बन सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि सर्दी के मौसम में भी शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा रखें। लाजपत राय मेडिकल कालेज के न्यूरोलाजी विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले साल सर्दियों में 30 मामले सामने आए थे। इनकी हिस्ट्री व जांच रिपोर्ट में शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) सामने आई थी।
गुरुवार को (आज) विश्व स्ट्रोक दिवस है। इस बार की थीम है-‘हर मिनट मायने रखता है।’ यानी स्ट्रोक के शुरुआती लक्षणों को जल्दी पहचानना और तुरंत आपातकालीन चिकित्सा लेने के लिए प्रेरित करना, ताकि जीवन बचाया जा सके। मेडिकल कालेज की न्यूरो फिजिशियन डा. दीपिका सागर कहती हैं कि शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा न रहने पर रक्त के थक्के जमने की आशंका बढ़ जाती है। इससे स्ट्रोक पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।
यह खतरा सर्दी के मौसम में ज्यादा होता है। इसकी वजह वातावरण में नमी के कारण प्यास महसूस नहीं होना है। शरीर में पानी की कमी से रक्तचाप में गिरावट और आक्सीजन की कमी होने लगती है। खून गाढ़ा हो जाता है। दिमाग की नसों में थक्के बन जाते हैं, जो स्ट्रोक का कारण बनता है। स्ट्रोक में मस्तिष्क में रक्त का प्रवाह कम होने या रक्तस्राव की स्थिति बन जाती है। इससे कोशिकाएं खत्म होने लगती हैं। इसकी जांच के लिए एमआरआइ करानी पड़ती है। जो लोग ब्लड प्रेशर, शुगर, हृदय रोग से पीड़ित हैं, उनमें यह संभावना सामान्य लोगों के मुकाबले दोगुना होती है।
जीवनशैली से जुड़ी यह समस्या पहले 45 साल से ज्यादा की उम्र वालों को होती थी, लेकिन अब 20 साल के युवा भी इसकी चपेट में हैं। डा. दीपिका का कहना है कि रात में सोने से पहले एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। दिनभर में ढाई-तीन लीटर पानी जरूरी है।
स्ट्रोक के लक्षण
-शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होना।
-चलने या जुबान का लड़खड़ाना।
-आंखों में धुंधलापन या दोहरा दृश्य दिखाई देना।
-हाथ या पैर में सुन्नपन, चेहरे में टेढ़ापन आना।
ऐसे करें बचाव
-ब्लड प्रेशर, शुगर पर नियंत्रण रखें।
-मोटापा कम करें। धूमपान न करें।
-नियमित रूप से 30 मिनट टहलें।
-शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा रखें।
-जंकफूड का सेवन नुकसानदायक है।
