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मेरठ, [संतोष शुक्ल]। गत दशक में वृक्षारोपण पर जोर देने से वन्य क्षेत्र का विस्तार हुआ। इससे जीवों को आसरा मिला। नतीजतन, हस्तिनापुर वन्य जीव सेंचुरी के मेरठ प्रभाग में तेंदुओं की गुर्राहट तेज हुई है। पांच जिलों में फैली सेंचुरी में जीवों की नई गणना रिपोर्ट के मुताबिक पहली बार अकेले मेरठ वन्य क्षेत्र में तेंदुओं की तादाद सात तक पहुंची है। संकटग्रस्त प्रजाति के जीव सांभर हिरन, चीतल, पाड़ा और घड़ियाल की भी संख्या बढ़ी है।

उत्‍साहजनक तस्‍वीर सामने आई
हस्तिनापुर, परीक्षितगढ़, सरधना, रिठानी एवं मेरठ रेंज में वन्य जीव संरक्षण की उत्साहजनक तस्वीर नजर आई है। 2013 में एक भी तेंदुआ नहीं मिला था। 2016 के बाद 2019 मई माह में जीवों की गणना कराई गई। वन विभाग ने सितंबर में सेंचुरी की वन्य जीव गणना रिपोर्ट जारी किया। 30 प्रकार के जीवों की गणना की गई। राष्ट्रीय पक्षी मोर की संख्या करीब दोगुना हो गई। इकोलोजी में खास भूमिका निभाने वाले जीवों लोमड़ी, सियार, फिशिंग कैंट की भी संख्या बढ़ी है। वन्य जीव विशेषज्ञों का कहना है कि सेंचुरी में फूड चेन मेंटेन होने से स्थितियां और सुधरेंगी।

इनका कहना है
अजरुनगंज ब्लाक में तेंदुआ कई बार देखा गया है। परीक्षितगढ़ में भी तेंदुएं हैं। सेंचुरी को इकोटूरिज्म से जोड़ने के कई फायदे नजर आए हैं। वनक्षेत्र बढ़ने से भी जीवों को आसरा मिला। पाड़ा हिरन सर्वाधिक संकट में था। तकरीबन सभी जीवों की संख्या बढ़ना उत्साहजनक है।
- अदिति शर्मा, प्रभागीय निदेशक, सामाजिक वानिकी

इन वजहों से सुधरने लगी सेंचुरी
फारेस्ट सर्वे आफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मेरठ का वन क्षेत्र एक वर्ग किमी बढ़ गया। इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सेंचुरी में वन विभाग की मानीटरिंग बढ़ी। लोगों को पास लेकर अंदर जाना पड़ता है। डीएफओ अदिति शर्मा ने परीक्षितगढ़ में 287 हेक्टेअर जमीन खाली करवाया। 253 हेक्टेअर में पौधरोपण हुआ। वन्य जीवों के प्रति जागरूकता से मानव-जीव संघर्ष कम हुआ। प्रदेश वन निदेशालय ने जंगली जीवों को मानव आबादी से दूर रखने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

जीवों की संख्या    2016      2019
तेंदुआ                   05         07
पाड़ा हिरन            175        420
सांभर हिरन          38          228
चीतल                 74          193
मोर                    468         703
सियार                337          669
घड़ियाल             48             202
बंदर                  3866         5607
कुल संख्या          6882        11552 

Posted By: Prem Bhatt

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