मेरठ, जागरण संवाददाता। cruelty with child मेरठ में एक घिनौनी हरकत सामने आई है। यहां पुलिस लाइन में रहने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पत्नी ने अपनी तीन साल की बच्ची को पहले थप्पड़ मारे और फिर पेट पर पैर रख दिया। पत्नी की क्रूरता को पति ने मोबाइल में कैद कर लिया। कर्मचारी ने इसके बाद कप्तान आफिस पहुंचकर पत्नी की शिकायत की। आरोप है कि पत्नी के एक युवक से प्रेम संबंध हैं। इसलिए बच्चों के साथ मारपीट करती है।

एसएसपी बोले होगी कार्रवाई

चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने पुलिस आफिस पहुंचकर अफसरों को बताया कि उसकी गैरमौजूदगी में पत्नी संभल जिले के एक युवक से फोन पर बातचीत करती है। युवक घर आकर पत्नी से मिलता भी है। दोनों बच्चे उन्हें बता देते हैं। कर्मचारी का कहना है कि इसी खुन्नस में पत्नी बच्चों की पिटाई करती है। कर्मचारी ने पुलिस को वीडियो दिखाते हुए बताया कि पत्नी ने पहले तीन साल की बच्ची को दो थप्पड़ मारे और फिर पेट पर पैर रख दिया। एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि महिला के खिलाफ घरेलू हिंसा में कार्रवाई की जाएगी।

बच्चे की हत्या में देरी से पहुंचने पर चौकी प्रभारी लाइन हाजिर 

वहीं मेरठ के मुंडाली थाने के सिसौली गांव में चार साल के मासूम की हत्या के मामले में अभी तक पुलिस हत्यारोपितों तक नहीं पहुंच पाई। घटना स्थल पर देरी से पहुंचने वाले चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया है। साथ ही हिरासत में लिए 16 साल के किशोर ने बताया कि भानू प्रताप अचानक ही खेलते खेलते जमीन पर गिर गया था। उसकी गर्दन दरांती पर पडऩे की वजह से गर्दन कट जाने से मौत हो गई। पुलिस को किशोर की इस कहानी पर यकीन नहीं है। पुलिस पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है।

अगवा करके हत्‍या

मुंडाली के सिसौली के गांव निवासी वीर सिंह छोटे बेटे चार साल के भानू प्रताप को घर से अगवा कर हत्या कर दी गई। गर्दन काटकर शव को वीर सिंह के बड़े भाई नरेश के भूसा से भरे कमरे में मिला था। वीरसिंह के घर पर सीसीटीवी लगे हुए है। कैमरे दो बाद बंद होने की वजह से परिवार पर पुलिस शक कर रही है। पुलिस ने वीर सिंह, उनकी पत्नी प्रीति, भाई नरेश सिंह और नरेश की पत्नी और बेटा जानी को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। नरेश के 16 वर्षीय बेटे ने बताया कि भानू प्रताप घर में रखी दरांती पर गिर जाने से गर्दन कट गई, जिससे भानू की मौत हो गई।

यह बोले कप्‍तान

डर के चलते भानू के शव को भूसा से भरे कमरे में रख दिया था। एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि बच्चे की हत्या महज हादसा नहीं हो सकती है। पुलिस ने फिलहाल परिवार के सभी सदस्यों को हिरासत से छोड़ दिया है। पुलिस दोबारा से पूरे मामले की विस्तार से जांच कर रही है। उधर, घटना स्थल पर देरी से पहुंचने वाले चौकी प्रभारी वीरेंद्र को लाइन हाजिर कर दिया। दरअसल, बच्चे के लापता होने के दूसरे दिन पुलिस गांव में पहुंची थी।  

Edited By: Prem Dutt Bhatt