मेरठ,जेएनएन। चार महीने की गर्भवती की मौत का एक साल बाद सनसनीखेज पर्दाफाश हुआ। पति ने उसे जहर देकर मारा था। पोस्टमार्टम में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने पर विसरा जांच के लिए भिजवा दिया था। एक साल बाद रिपोर्ट आने पर इस राज से पर्दा उठा। पुलिस ने हत्यारोपित पति को गिरफ्तार कर लिया है।

लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के श्यामनगर निवासी नाजमा का निकाह क्षेत्र के इत्तेफाक नगर निवासी इमरान से हुआ था। निकाह के बाद से ही दोनों परिवारों में अनबन रहने लगी थी। करीब एक साल पहले एक दिन नाजमा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उस समय वह चार महीने की गर्भवती थी। मायके वालों ने आनन-फानन में नाजमा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। स्वजन ने कार्रवाई की मांग के लिए हंगामा भी किया था। पुलिस ने स्वजन की तहरीर पर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया था। स्वजन और पुलिस विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। सीओ कोतवाली अरविद चौरसिया के मुताबिक विसरा रिपोर्ट में विवाहिता की मौत का कारण सल्फास देना आया है। इस आधार पर मुकदमे में धारा बढ़ाने के साथ हत्यारोपित इमरान को गिरफ्तार कर लिया है। रविवार को आरोपित को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

करनावल में संदिग्ध हालत में हुई थी विवाहिता की मौत: करनावल में पांच दिन पहले विवाहिता की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। मायके वालों ने शनिवार को दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए तहरीर दी है। जिस पर पुलिस ने आरोपित पति व सास समेत पांच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बिजनौर के नजीबाबाद के कस्बा जलालाबाद निवासी फरीद अहमद पुत्र अब्दुल रशीद ने बताया कि उन्होंने अपनी बहन उजमा की शादी कई वर्ष पहले करनावल निवासी फरमान पुत्र वकील के साथ की थी। ससुराल वाले लगातार दहेज में दो लाख रुपये के साथ बाइक की मांग कर रहे थे। उन्होंने विवाहिता को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। छह जून को उनकी बहन ने फोन पर ससुरालियों द्वारा मारपीट करने और अपनी जान को खतरा बताया था। इसके तीन दिन बाद मायके वाले करनावल पहुंचे तो ससुराल में उनकी बहन का शव पड़ा हुआ था। आरोप है कि विवाहिता के शरीर पर मारपीट के निशान थे। लेकिन, आरोपितों ने ग्रामीणों व रिश्तेदारों द्वारा उनपर दबाव बनाकर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने दी और शव को आनन-फानन में सुपुर्द-ए-खाक करवा दिया।

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