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    पश्चिम उत्तर प्रदेश में बदलेगी खेल की तस्वीर, तीन वर्ष में गांव-गांव में बनाए जाएंगे स्टेडियम : जयन्त चौधरी

    By AMIT KUMAR TIWARIEdited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 29 Nov 2025 02:04 PM (IST)

    राष्ट्रीय लोक दल के अध्यक्ष जयन्त चौधरी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में खेल के विकास को लेकर बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि अगले तीन वर्षों में हर गांव में स्टेडियम बनाए जाएंगे, जिससे युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे। चौधरी ने खेलों को बढ़ावा देने और किसानों के समर्थन की बात कही।

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    कैलाश प्रकाश स्टेडियम में स्पोर्टस एज का शुभारंभ करते कौशल विकास केंद्रीय राज्यमंत्री जयन्त चौधरी व यूपी के मंत्री डाक्टर सोमेंद्र तोमर, कपिल देव व साथ हैं अन्य जनप्रतिनिधि। जागरण

    जागरण संवाददाता, मेरठ। कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्री जयन्त चौधरी ने कहा कि अगले कुछ सालों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खेल तस्वीर बदल जाएगी। बताया कि जल्द ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में साईं सेंटर बनेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है और इसका सर्वे भी हो चुका है। यह केंद्र मेरठ के आसपास ही बनेगा।

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    कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में उन्होंने भारत एज यानी स्पोर्ट्स एंड एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट फार ग्रोथ एंड एक्सीलेंस का शुभारंभ करते हुए खेल उत्पादों के उत्पादन, खिलाड़ियों के हुनर और कामगारों का कौशल बढ़ाने की दिशा में संयुक्त रूप से कार्य करने का आह्वान किया। कहा कि स्पोर्ट्एज कोई सरकारी कार्यक्रम नहीं है। यह एक अभियान है, जिसमें सरकारी योजनाओं, खिलाड़ियों, तकनीकी शिक्षा को एक साथ जोड़ना है। इसी दिशा में देशभर में 1,000 आईटीआई संस्थाओं को चिन्हित किया गया है, जहां अतिरिक्त स्थान मौजूद हैं, वहां खिलाड़ियों के लिए कौशल विकास से जुड़े कार्यक्रम और प्रशिक्षण शुरू होंगे। इसके लिए मेरठ में साकेत स्थित आइटीआई को हब बनाया गया है। इस हब से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिले जोड़े जाएंगे।

    जयन्त चौधरी ने कहा कि मेरठ के खेल उद्योग में इतना सामर्थ है कि 2035 तक यहां 40,000 करोड़ का उत्पाद तैयार किया जा सकता है। हमें इस लक्ष्य को पाना होगा। यह लक्ष्य लेकर हमें आगे बढ़ना होगा और 2047 तक देश में 50 लाख करोड़ तक के खेल उत्पाद तैयार करने होंगे। इसमें तीन करोड़ लोगों को रोजगार मिलेगा और भारत की अर्थव्यवस्था में दो प्रतिशत का योगदान खेल उद्योग से होगा।

    जयन्त चौधरी ने सभी प्रदेश सरकारों से शिक्षा, खेल और कौशल पर निवेश करने का आह्वान किया, जिससे तुरंत लाभ सरकारों को तो नहीं मिलेगा लेकिन इसका प्रभाव नीचे तक जाएगा और भविष्य में 10 गुना लाभ मिलेगा। कहां की 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में फिर होने जा रहे हैं। शतरंज की विश्व का प्रतियोगिता गोवा में आयोजित हुई। बॉक्सिंग की विश्व कप प्रतियोगिता नोएडा में हुई, जिसमें भारत के महिला पुरुष मुक्केबाजों ने सबसे अधिक पदक जीते। फेंसिंग की विश्व चैंपियनशिप भारत में आयोजित हुई। ब्लाइंड क्रिकेट में महिला टीम ने जीत दर्ज की।

    उन्होंने कहा कि खेल तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और हमें खिलाड़ियों को सशक्त करने की जरूरत है। इसके लिए 14 से 18 वर्ष तक के खिलाड़ियों को उभरते हुए खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप जैसी व्यवस्था कर आगे बढ़ना होगा।