दीपक भारद्वाज मेरठ

रेलवे नियमों को अपने हिसाब से तय करता है। क्योंकि जिस स्टेशन पर 24 घंटे ट्रेनें चलती हों वहां लिफ्ट और एस्केलेटर का रात के समय बंद रखना समझ से परे है। जी हां रेलवे ने सभी लिफ्ट और एस्केलेटर के चलने का समय स्टेशनों के अनुसार तय कर रखा है। सिटी स्टेशन पर लगे लिफ्ट और एस्केलेटर रात दस बजे से सुबह छह बजे तक बंद कर दिए जाते हैं। हालांकि एक साल से सिटी स्टेशन पर लगाए गए लिफ्ट और एस्केलेटर दिन में भी बंद रहते हैं, लेकिन जब अधिकारियों से इनके रात में बंद होने का कारण पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह आदेश मुख्यालय की ओर से है। बता दें कि दिन के समय भी इनके चलने की कोई गारंटी नहीं है। कई बार तो इनके चलाने के लिए यात्रियों ने मुख्यालय तक शिकायत की। हाल ही में हार्ट के मरीज अफजाल अहमद ने वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक से शिकायत की थी। इस पर मुख्यालय ने संज्ञान लेते हुए जवाब-तलब किया था।

शताब्दी गुजरने के बाद संचालन बंद

सिटी स्टेशन के सीनियर सेक्शन इंजीनियर विद्युत का कहना है कि देहरादून-दिल्ली शताब्दी के स्टेशन से गुजर जाने के बाद लिफ्ट और एस्केलेटर को बंद कर दिया जाता है। सिटी स्टेशन से शताब्दी रोजाना रात 9.18 बजे गुजर जाती है। इसके बाद आने वाली स्वर्ण मंदिर, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, नंदा देवी एक्सप्रेस आदि प्रीमियम ट्रेनों के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

अब दिन की देनी होगी रिपोर्ट

दिन के समय एस्केलेटर और लिफ्ट चलने की रिपोर्ट देने के लिए सिटी स्टेशन अधीक्षक ने संबंधित कर्मचारी की ड्यूटी लगाई है। शुक्रवार को उन्होंने इसके लिए सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक की रोजाना रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

इन्होंने कहा--

मुख्यालय से निर्देश है कि रात के समय इनका संचालन बंद कर दिया जाए। इसलिए रात दस बजे इन्हें बंद कर दिया जाता है। वहीं इनके दिन में संचालन शुरू कराने के लिए अब रोजाना रिपोर्ट ली जाएगी।

आरपी शर्मा, सिटी स्टेशन अधीक्षक

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