मेरठ, जागरण संवाददाता। UPSSSC PET Exam 2022 उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से 15-16 अक्टूबर को प्रारंभिक योग्यता परीक्षा यानी पीईटी का आयोजन किया जा रहा है। हर परीक्षा पर नजर गड़ाए बैठे साल्वर गैंग के पर कतरने के लिए इस बार आयोग ने नया हथकंडा अपनाया है। विभिन्न परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्रों की कई सीरीज बनती हैं।

सीरीज नंबर ही प्रश्न पत्रों से हटाया

हर प्रश्न पत्र के ऊपर संबंधित प्रश्न पत्र के सीरीज का अक्षर या अंक भी इंगित होता है। इससे साल्वर गैंग को जिस भी सीरीज का प्रश्न पत्र मिल जाता है, वह उसकी नकल की उत्तर पर्ची तैयार कर वितरित करते हैं। इस बार आयोग ने सीरीज नंबर ही प्रश्न पत्रों से हटा दिया है, जिससे उनकी पहचान न की जा सके।

कोई नहीं जान सकेगा

ऐसे में किस अभ्यर्थी के पास कौन सी सीरीज का पेपर है, यह प्रश्न पत्र को देखकर कोई नहीं जान सकेगा। न साल्वर गैंग के सदस्य यह जान सकेंगे कि किसी तरह लीक हुआ पेपर किस सीरीज का है, न ही अभ्यर्थी यह जान सकेंगे कि उन्होंने किस सीरीज के प्रश्न पत्र से परीक्षा दी है।

अपने जिले में नहीं मिलेगा परीक्षा केंद्र

नकल विहीन परीक्षा कराने के लिए चयन आयोग ने इस बार एक और विशेष इंतजाम किया है। दिव्यांग अभ्यर्थियों को छोड़कर अपने जिले में किसी भी अन्य महिला व पुरुष अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र आवंटित नहीं किए जाएंगे। उदाहरण के तौर पर मेरठ के रहने वाले अभ्यर्थियों को आसपास के जिलों में या फिर दूर के जिले में भी परीक्षा केंद्र मिल सकता है।

आवेदन की संख्या 37 लाख से भी अधिक

इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश के अभ्यर्थियों के साथ ही मध्य प्रदेश, तेलंगाना, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, राजस्थान सहित कुछ अन्य प्रदेशों के अभ्यर्थियों ने भी आवेदन किए हैं। तभी तो प्रदेश भर में आवेदन की संख्या 37 लाख से भी अधिक है। पूरे प्रदेश में परीक्षा के लिए 1899 परीक्षा केंद्र बने हैं। वहीं मेरठ में 56 परीक्षा केंद्रों पर करीब एक लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे।

विशेष कोड से होगी उत्तर पुस्तिका सीरीज की पहचान

प्रारंभिक योग्यता परीक्षा में अभ्यर्थियों को जो प्रश्न पत्र मिलेंगे उसमें कोई सीरीज नंबर नहीं लिखा होगा। अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र पर दिए गए विशेष कोड उत्तर पुस्तिका यानी ओएमआर शीट पर लिखना होगा। उसी कोड के आधार पर ओएमआर शीट की स्कैनिंग से प्रश्नपत्र के सीरीज की जानकारी भी मिलेगी। प्रश्नपत्र के सीरीज के आधार पर ही मूल्यांकन किया जाएगा। यदि किसी अभ्यर्थी ने ओएमआर कोड पर गलत कोड लिख दिया तो उनके सीरीज की पहचान नहीं भी हो सकती है। ऐसे में मूल्यांकन सही तरीके से नहीं किया जा सकेगा।  

Edited By: PREM DUTT BHATT

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