मेरठ, जेएनएन। तीन माह पहले पीएसी 44वीं वाहिनी से बर्खास्त हुए सिपाही ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में आरोप लगाया कि उसका छोटा भाई, भाभी और एक बिल्डर उससे ब्लैकमेल कर 25 लाख की रकम मांग रहे थे। मृतक की पत्नी ने तीनों आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

तीन महीने पहले हुई थी बर्खास्‍तगी

शास्त्रीनगर के 278/11 में शाहिद अली का परिवार रहता है। 26 साल पहले शाहिद पीएसी में भर्ती हुए थे। हाल में 44वीं वाहिनी में तैनात थे। तीन माह पहले उन्हें बर्खास्त कर दिया गया। आरोप था कि जन्मतिथि में धांधली कर शाहिद पीएसी में भर्ती हुए हैं। इस बाबत उनके छोटे भाई वाहिद ने ही शिकायत की थी। उधर, शाहिद ने लोहिया नगर के रहने वाले बिल्डर उबेद से 25 लाख में मकान खरीदा था। पांच लाख की रकम एडवांस में दे दी। उसके बाद मकान पर कब्जा नहीं दिया। न ही पांच लाख की रकम वापस लौटाई। इसे लेकर शाहिद काफी दिनों से मानसिक तनाव में था। मंगलवार को शाहिद ने अपनी जान दे दी।

25 लाख की डिमांड थी

शाहिद की पत्नी हसीन बानो का आरोप है कि उसके देवर वाहिद, देवरानी आसमा और बिल्डर उबेद मिलकर उन्हें ब्लैकमेल कर रहे थे। तीनों ने पहले शाहिद के प्रमाण पत्र में जन्मतिथि गलत दर्शाकर पीएसी में शिकायत की और उसकी ऐवज में शाहिद से 25 लाख रुपये मांग रहे थे। शाहिद डर के चलते पांच लाख की रकम दे चुका था। उसके बावजूद भी आरोपित उत्पीड़न करते रहे। इसे लेकर शाहिद पिछले तीन माह से काफी परेशान थे। शाहिद ने अपने सुसाइड नोट में भी यही बातें लिखी हैं। हसीन बानो की तहरीर पर उबेद, वाहिद और आशमा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और ब्लैकमेल करने का मुकदमा दर्ज किया गया है।

इनका कहना है

मृतक के भाई, भाभी और बिल्डर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। तीनों की धरपकड़ को दबिश डाली जा रही है। सिपाही के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिवार को शव सौंप दिया।

- डा. अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी 

Posted By: Prem Bhatt

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