मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने रिश्वत लेने के आरोपित लेखपाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शुक्रवार को आरोपी लेखपाल की वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुई थी। इसमें लेखपाल एक किसान से रिश्वत लेते हुए साफ दिखाई दे रहा था। शिकायत पर डीएम ने एसडीएम सदर को जांच सौंपी थी। जांच रिपोर्ट में आरोप पुष्ट होने पर डीएम ने कार्रवाई कर दी।

डीएम से की थी शिकायत

पीनना निवासी समाजसेवी सुमित मलिक ने रिश्वत लेने की वीडियो बनाकर डीएम चंद्र भूषण सिंह से शिकायत की थी। डीएम सीबी सिहं ने प्रकरण की जांच एसडीएम सदर दीपक कुमार को जांच कराने के निर्देश दिए थे। इस मामले में जांच अधिकारी व तहसीलदार सदर अभिषेक सहाय ने एसडीएम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है।

तत्‍काल प्रभाव से सस्‍पेंड

इस मामले की जांच में एसडीएम सदर दीपक कुमार ने लेखपाल वेदप्रकाश को रिश्वत का दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की संस्तुति जिलाधिकारी से की थी। जांच रिपोर्ट मिलते ही डीएम सीबी सिंह ने लेखपाल वेद प्रकाश को निलंबित कर दिया है। निलंबित लेखपाल पर पीनना गांव का चार्ज था। आरोपित को पिछले दिनों ही किनौनी गांव का चार्ज भी दिया गया था।

लगातार हो रहे वीडियो वायरल

जिले में लगातार रिश्वतखोरी के वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इसको लेकर लेखपालों की फजीहत हो रही है। इससे पहले पीनना के ही लेखपाल को दो वर्ष पूर्व जमीन चढ़ाने के नाम पर रिश्वत लेते एंटी करप्शन की टीम ने पकड़ा था। खतौली के एक लेखपाल को भी रिश्वत की वीडियो वायरल होने के बाद पूर्व में निलंबित किया जा चुका है।

नशा तस्कर को दो वर्ष की कैद

मुजफ्फरनगर : नगर के रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म से नशे की गोलियों सहित दबोचे गए नशा तस्कर को विशेष एनडीपीएस एक्ट कोर्ट ने सुनवाई उपरांत दोषी पाते हुए दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है। दोषी पर कोर्ट ने 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन के अनुसार 17 दिसंबर 2019 को जीआरपी सब इंस्पेक्टर हरिओम शर्मा ने रेलवे स्टेशन प्लेटफार्म से फैजान कुरैशी उर्फ बिट्टु निवासी अब्दुल हक चौकी खानकाह कस्बा देवबंद जिला सहारनपुर को 80 नशीली गोलियों के साथ दबोच लिया था। घटना के मुकदमे की सुनवाई विशेष एनडीपीएस एक्ट कोर्ट के जज कमलापति के समक्ष हुई। कोर्ट ने अभियुक्त ने जुर्म का इकबाल किया। जिसके उपरांत कोर्ट ने दोषी को दो वर्ष की कैद सुनाई तथा 20 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। 

Edited By: Prem Dutt Bhatt