बिजनौर, जागरण संवाददाता। उत्‍तराखंड के ऋषिकेश से 15 लाख की फिरौती के लिए अगवा किए गए बालक को बिजनौर की धामपुर पुलिस ने सकुशल बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपित और बालक को ऋषिकेश पुलिस को सौंप दिया गया। आरोपित बिहार के जिला पूर्वी चंपारण का रहने वाला है।

आरोपित ने किया था फोन

ऋषिकेश के कस्बा भट्टोवाला निवासी गोपाल कृष्ण कुकरैती ऋषिकेश एम्स में सुपरवाइजर हैं। उनका 12 वर्षीय बेटा भुवनेश्वर कक्षा आठ का छात्र है। उसका शनिवार सुबह 15 लाख की फिरौती के लिए अपहरण कर लिया गया था। फिरौती के लिए आरोपित ने गोपालकृष्ण के मोबाइल पर काल की थी। 13 लाख रुपये में बात तय होने के बाद गोपाल कृष्ण ने ऋषिकेश पुलिस को जानकारी दी। पुलिस को आरोपित के फोन की लोकेशन बिजनौर में मिली। ऋषिकेश पुलिस ने बिजनौर एसपी डा. धर्मवीर सिंह से मदद मांगी।

रास्‍तों की घेराबंदी करके तलाशी अभियान

एसपी के निर्देश पर सीओ धामपुर अजय अग्रवाल, थाना प्रभारी जीत सिंह और एसओजी की टीम ने हरिद्वार से आने वाले हाईवे समेत अन्य रास्तों पर घेराबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। धामपुर पुलिस ने फायर स्टेशन के पास से रोडवेज बस से बालक को सकुशल बरामद कर आरोपित को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपित ने अपना नाम राजन उर्फ भोला कुमार पुत्र लल्लन पटेल निवासी सरेयावृद्धि टोला पूर्वी चंपारण बिहार बताया, जो ऋषिकेश में टाइल्स लगाने का काम करता है। आरोपित ने चार माह पूर्व गोपाल कृष्ण के घर में टाइल्स लगाई थी। इसके बाद वह बिहार लौट गया था। पैसा कमाने के लालच में वह बालक बहला फुसलाकर साथ ले आया और फिर फिरौती के लिए फोन किया। सीओ धामपुर ने बताया कि आरोपित के खिलाफ ऋषिकेश थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज है। आरोपित और बालक को ऋषिकेश पुलिस को सौंप दिया है।

कार दिलवाने का दिया झांसा

बालक भुवनेश्वर को कार चलाने का शौक था। साजिश के तहत राजन ने उसे बिहार से कार दिलवाने का झांसा दिया। वह टेंपो से हरिद्वार ले गया। इसके बाद रोडवेज बस से मुरादाबाद और फिर बिहार ले जाना था।

इनका कहना है

ऋषिकेश पुलिस की सूचना पर सीओ और थाना प्रभारी को लगाया गया था। चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक रोडवेज बस से आरोपित को गिरफ्तार कर बालक को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस का कार्य सराहनीय है।

- डा. धर्मवीर सिंह,एसपी,बिजनौर।

Edited By: Prem Dutt Bhatt