मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। खतौली में सपा-रालोद गठबंधन के कार्यकर्ताओं से संवाद करने पहुंचे रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि देश-प्रदेश में जिन्हें भाईचारे से दिक्कत है। वही नफरत फैला रहे हैं, लेकिन गठबंधन के कार्यकर्ता मजबूती के साथ अपने इरादे को कायम रखें ताकि देश-प्रदेश से किसान मजदूरों का शोषण और उन्हें कुचलने वाली सरकार को विदा किया जा सके।

'बंद कमरे में बैठकर नहीं लिया गठबंधन का निर्णय'

चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि जो सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे सकती वह लाठियां दे रही है। दिल्ली में बैठक करने वाले लोग किसान आंदोलन के समय कहां थे। किसानों के 700 से अधिक परिवार आंदोलन में प्रभावित हुए। कोई उनके आंसू पहुंचने तक नहीं पहुंचा। आज भाजपा को किसान और अनुसूचित जाति के लोग याद आ रहे हैं। गठबंधन का निर्णय हमने बंद कमरे में बैठकर नहीं लिया है। यह सामूहिक रूप से लिया गया फैसला है। जयंत चौधरी कोई चवन्‍नी नहीं है जो पलट जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ समर्थकों की नब्ज पर भी हाथ रखा और कहा कि यह गठबंधन आप के मान सम्मान का है यदि किसी को जरा भी शिकायत है तो वह किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह व चौधरी अजीत सिंह के साथ अखिलेश यादव के संघर्ष को भी याद रखें। गठबंधन की सरकार बनने पर प्रदेश के युवाओं को और किसानों को खुशहाली के रास्ते पर ले जाया जाएगा।

'अफवाहों पर नहीं जाएं मजबूत बने'

रालोद सुप्रीमो ने कहा कि चुनाव में तरह-तरह की अफवाह फैलाई जा रही है। जिससे गठबंधन के समर्थक व कार्यकर्ता भ्रमित हो जाएं। लेकिन आप लोग अपनी मजबूती से चुनाव लड़ें और एक दूसरे का साथ सहयोग निभाते हुए अपने बूथ को मजबूत बनाएं।

'बुढ़ाना और छपरौली की सीट किसानों के लिए महत्वपूर्ण'

मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। बुढ़ाना कस्बे के एक बैंक्वेट हॉल में गठबंधन कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह ने कहा कि पश्चिमी यूपी में बुढ़ाना और छपरौली की सीट किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। इन दोनों सीटों पर जीत से संदेश जाएगा कि किसान संगठित है।

'भाजपा जिन्ना की बात तो करेगी, लेकिन गन्ना की नहीं'

उन्‍होंने कहा कि भाजपा जिन्ना की बात तो करेगी, लेकिन किसानों के गन्ना की बात नहीं करेगी। ये परीक्षा की घड़ी है। जो कैराना में पलायन का मुद्दा उठाते हैं, मुजफ्फरनगर वाले उनका पलायन करा देंगे। 'मेरे लिए कहा जा रहा है कि दरवाजा खुला है, लेकिन अगर मेरे किसान भाइयों के लिए सरकार के दरवाजे बंद है तो मेरे लिए भी बंद है। रोज-रोज फैसले नहीं बदले जाते हैं। हाथरस में जब लाठीचार्ज हुआ था तो मेरे मुजफ्फरनगर के कार्यकर्ताओं ने मेरा बचाव किया। भाजपा राज में कैम्पस में घुस कर छात्रों पर लाठी चलाई जा रही है। हमारी सरकार आने पर जन आंदोलनों का सम्मान किया जाएगा। 13 महीने चले किसान आंदोलन में मुजफ्फरनगर के लोगों का बड़ा योगदान रहा। ये आप लोगो की ताकत थी कि सरकार को 13 महीने बाद पीछे हटना पड़ा।'

Edited By: Parveen Vashishta