मेरठ, जेएनएन। यूपी बोर्ड में 10वीं और 12वीं का परिणाम इस बार बगैर परीक्षा के घोषित किया जा रहा है। इसके लिए बोर्ड की ओर से पूर्व में आंतरिक मूल्यांकन के अंकों को आधार बनाया गया है। इस बार बोर्ड मेरिट सूची नहीं जारी करेगा।

कोविड की वजह से इस बार यूपी बोर्ड का रिजल्ट घोषित करने का फार्मूला काफी गहन विचार विमर्श से हुआ है। रिजल्ट को पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है। जिसकी जानकारी उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी साझा की है। स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने इसका स्वागत किया है। एसएसडी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य बीपी सिंह का कहना है कि 12वीं के रिजल्ट का निर्धारण हाईस्कूल के अंक से 50 फीसद, 11वीं कक्षा की परीक्षा से 40 फीसद और कक्षा 12वं के प्री बोर्ड से 10 फीसद अंक से किया गया है।

इसी तरह से हाईस्कूल के रिजल्ट में कक्षा नौंवी की परीक्षा से 50 फीसद और कक्षा 10वीं की प्री बोर्ड से 50 फीसद अंक को आधार बनाया गयाअंक सुधार का यहां भी मौका वर्ष 2021 की परीक्षा में अगर कोई परीक्षार्थी अंक सुधार चाहेगा तो उसे आगामी बोर्ड परीक्षा में सम्मिलित होने का मोका मिलेगा। इसके लिए छात्रों को अलग से परीक्षा शुल्क देने की जरूरत नहीं होगी। अंक सुधार के लिए एक या एक से अधिक विषय में बैठने का अवसर मिलेगा। ऐसे छात्रों का परीक्षाफल भी 2021 का ही माना जाएगा। केके इंटर कालेज के प्रिंसिपल वीर बहादुर सिंह का कहना है कि अंक सुधार का मौका मिलने से जो छात्र आगे परीक्षा चाहेंगे, उन्हें काफी मदद मिलेगी।

 

Edited By: Taruna Tayal