मेरठ, जेएनएन। टीपीनगर थानाक्षेत्र के जगन्नाथपुरी में संचालित फैक्ट्री में बायलर फटने से दो कर्मचारियों की मौत हो गई। इस दौरान फैक्ट्री स्वामी के दो बेटे भी झुलस गए। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। रेलवे रोड थानाक्षेत्र के मकबरा डिग्गी निवासी मोहम्मद फाइज की फैक्ट्री जगन्नाथपुरी में है। इसमें बाइक के एल्यूमीनियम पार्ट्स बनते हैं।

तेज धमाके के साथ फटा बायलर

बुधवार दोपहर फैक्ट्री में लिसाड़ी थानाक्षेत्र के गांव लिसाड़ी निवासी दीपक और जिला सुल्तानपुर निवासी रमेश बायलर के पास काम कर रहे थे। पास ही फैक्ट्री स्वामी के बेटे अज्जू और फैसल मौजूद थे। अचानक बायलर तेज धमाके के साथ फट गया। टिन की छत भी गिर पड़ी। चीख-पुकार मची तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दोनों कर्मचारियों को केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। फैक्ट्री स्वामी के बेटों को किसी अन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

फैक्‍ट्री स्‍वामी को जल्‍द पकड़ेंगे

उधर, मौके पर पहुंची पुलिस ने फैक्ट्री स्वामी के बारे में जानकारी की तो पता चला कि वह तकादे में मुरादनगर गया है। काफी देर तक पुलिस फोन पर संपर्क के प्रयास में रही लेकिन उसका मोबाइल स्विच्ड आफ मिला। टीपीनगर इंस्पेक्टर दिनेश चंद ने बताया कि मृतक दीपक के परिजनों की तहरीर पर फैक्ट्री स्वामी फाइज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

फैक्ट्री में नहीं आग बुझाने के इंतजाम

अग्निशमन विभाग के मुताबिक, फैक्ट्री में आग बुझाने के उपकरण नहीं थे। साथ ही यहां घरेलू सिलेंडरों का भी इस्तेमाल हो रहा था। इससे जाहिर है कि अग्निशमन समेत अन्य संबंधित विभाग भी नियमों की अनदेखी कर रहे थे।

दूसरी बार हुआ है हादसा

बाइक के पार्ट्स बनाने वाली फैक्ट्री में चार साल में दूसरी बार हादसा हुआ है। दिसंबर-15 में भी यहां बायलर फटने से चार मजदूर झुलस गए थे। एक की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। बुधवार को सरकारी सिस्टम की लापरवाही से फिर दो जान चली गईं। हादसे में झुलसे दीपक और रमेश ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। पूर्व में हुए हादसों से सबक लेते हुए यदि अफसर फैक्ट्री मालिक के प्रति सख्ती बरतते तो ये अनहोनी शायद दोबारा नहीं होती।

तब हुई थी एक की मौत

रेलवे रोड के मोहल्ला मकबरा डिग्गी निवासी मोहम्मद फाइज की टीपीनगर की जग्गनाथपुरी कालोनी में बाइक के एल्यूमीनियम पुर्जे बनाने की फैक्ट्री है। फैक्ट्री टीनशेड में अवैध रूप से संचालित है। एल्यूमीनियम गलाने के लिए एक मशीन और उससे दो बायलर जुड़े हैं। नौ दिसंबर-15 को दोनों बॉयलर तेज धमाके के साथ मशीन से टूट गए। एक बॉयलर फटा तो उसमें भरा पिघला हुआ एल्यूमीनियम चार मजदूरों पर बिखर गया था। मजदूर शाहरुख निवासी उन्नाव, जोगेंद्र कुमार निवासी गांव दांतल, कंकरखेड़ा मेरठ, राजीव निवासी गांव तहलका भोजपुर करीब 60 प्रतिशत और मोहम्मद अली करीब 25 प्रतिशत झुलसे थे। दिल्ली में इलाज के दौरान शाहरुख की मौत हो गई थी।

इन बातों का रखें ध्यान

यदि बायलर ज्यादा पुराना है तो हादसों की संभावना अधिक रहती है।

बायलर का ऑपरेटर पूर्ण दक्ष होना चाहिए। उसके पास दक्षता प्रमाण-पत्र भी हो।

बायलर कब खराब हुआ था, इसका भी रिकार्ड रखना चाहिए। समय-समय पर मरम्मत होनी चाहिए।

बायलर पर प्रेशर, फर्नेस की मात्रा और अंदर ऊष्मा की माप के लिए मोबरी-अलार्म लगाया जाता है। अलार्म खराब होगा तो भी दिक्कत है। कई बार बायलर में वाष्प दबाव कम होने और फर्नेस के ज्यादा गर्म होने के कारण भी हादसा हो जाता है।

ऐसे काम करता है बायलर

बायलर एक बंद बर्तन जैसा होता है, जिसमें किसी द्रव या ठोस पदार्थ को द्रव रूप में बदलने के लिए उच्च ताप पर गर्म किया जाता है। बायलर में उत्पन्न होने वाली वाष्प को बाहर निकालने की भी समुचित व्यवस्था होती है। विशेष डिजाइन के कारण कम से कम ऊष्मा बर्बाद होती है और अंदर उत्पन्न होने वाली वाष्प के दबाव को सहने की भी तकनीकी व्यवस्था की जाती है। बायलर कमजोर होने या वाष्प के उच्च दबाव को सहन नहीं करने पर इसके फटने की संभावना रहती है। 

Posted By: Prem Bhatt

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