मेरठ, जेएनएन। दो दिन की सख्ती के बाद फिर से गलियों में मजमा लगने लगा है। सील क्षेत्रों में लोग खुलेआम घरों से बाहर घूम रहे हैं। आरआरएफ की तैनाती के बाद स्थिति कुछ सुधरी थी, लेकिन गुरुवार को हालात पहले जैसे दिखे। फोर्स को देखकर लोग घरों में घुस जाते और फिर बाहर निकल आते।

सूर्यनगर, हरनामदास रोड, शास्त्रीनगर सेक्टर-13

कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद तीनों क्षेत्रों को सील कर दिया गया था, तभी से यहां के लोग घरों में रहकर नजीर पेश कर रहे हैं। दिनभर गलियों में सन्नाटा पसरा रहता है। जरूरत का सभी सामान भी कॉलोनी में पहुंच रहा है। सुरक्षा के मद्देनजर तीनों कालोनियों के सभी रास्तों पर पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं। अधिकारी भी गश्त करते रहते हैं।

जली कोठी, हौज वाली मस्जिद, सराय बहलीम

आरआरएफ और पुलिस की सख्ती के चलते दो दिन तो लोग घरों में रहे, लेकिन अब फिर बाहर निकलने लगे हैं। जली कोठी क्षेत्र में लोग आसानी से घूमते दिख जाएंगे। पुलिस के पहुंचते ही घरों में घुस जाते हैं। उधर, हौज वाली मस्जिद की स्थिति भी कमोबेश ऐसी ही है। हालांकि सराय बहलीम में स्थिति में काफी सुधार है। यहां लोग घरों में ही हैं। इक्का-दुक्का लोग ही घर से बाहर निकल रहे हैं।

हुमायूंनगर, लक्खीपुरा-अहमदनगर, न्यू इस्लामनगर अली बाग कॉलोनी

इन तीनों क्षेत्रों में पुलिस की सख्ती भी बे-असर हो गई है। सुबह से शाम तक लोग गलियों में घूमत रहते हैं। दुकानें भी खुली हुई हैं। लोग जगह-जगह मजमा लगाए हुए हैं। बीच सड़क पर बैठक लंबी-लंबी बातें हो रही हैं। लक्खीपुरा में तो ई-रिक्शा तक का संचालन हो रहा है। यह स्थिति तब है जब मेरठ की स्थिति असंतोषजनक होने के बाद सख्ती बढ़ाने की बात कही गई थी। हालांकि लोगों का कहना है कि उनकी जरूरत का सामान नहीं पहुंच रहा है।

राजनगर और रजबन में भी घरों में रहे लोग

मेडिकल क्षेत्र के राजनगर और रजबन क्षेत्र में लोग लॉकडाउन का पूरी तरह से पालन कर रहे हैं। पुलिस की मुस्तैदी के साथ ही लोग भी बीमारी के प्रति जागरूक हैं, इसलिए यहां स्थिति नियंत्रण में है। लोगों की जरूरत का सामान भी यहां समय से पहुंच रहा है। वहीं, पुलिसकर्मी भी पूरी सुरक्षा के साथ मौजूद हैं।

Posted By: Jagran

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