मेरठ, जेएनएन। टोमोथेरेपी से कैंसर के मरीज का इलाज करने पर न तो उसके गले की ग्रंथियां सूखेंगी और न ही उसके दिमाग की मेमोरी जाएगी। रेडिएशन में हार्ट भी सुरक्षित रहेगा। उक्त बातें रविवार को वेलेंटिस कैंसर अस्पताल में टोमोथेरपी मशीन का शुभारंभ करते हुए अपोलो चेन्नई के रेडिएशन हेड डा. राकेश जलाली ने कहीं। बताया कि यह विश्वस्तरीय तकनीक उत्तर भारत में नई दिल्ली के बीएल कपूर और अब मेरठ में भी उपलब्ध है। रेडिएशन का कोई खतरा नहीं होगा।
दिल और दिमाग भी होंगे सुरक्षित
मसूरी स्थित वेलेंटिस में रविवार दोपहर करीब 12 बजे विशेषज्ञों ने फीता काटकर टोमो का आरंभ किया गया। अस्पताल के सीएमडी डा. अमित जैन ने बताया कि टोमो से रेडिएशन देने पर दिल और दिमाग की कोशिकाओं को कोई क्षति नहीं पहुंचती। इसमें एक सीटी स्कैन लगा होता है, जो शरीर के मूवमेंट के मुताबिक खुद चलता है। ये बच्चों के कैंसर, पेशाब की थैली से लेकर गदूद के कैंसर व लिवर और फेफड़ों के इलाज में भी बेहद कारगर है। ऋषिकेश एम्स के डा. मनोज गुप्ता ने कहा कि रेडिएशन तकनीक विकसित होने से सर्जरी का रिस्क कम हो रहा है।
नहीं आएंगे मुंह में छाले
गले की सिकाई में मुंह में छाले नहीं आएंगे। मुंह खुलने में परेशानी भी नहीं होगी। मेडिकल कालेज के पूर्व विभागाध्यक्ष डा. वीबी भटनागर ने कहा कि मेरठ कैंसर के इलाज में काफी प्रगति कर चुका है। संघ नेता डा. दर्शन लाल अरोड़ा समेत कई अन्य उपस्थित रहे।

Posted By: Taruna Tayal

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