मेरठ, (अमित तिवारी)। टोक्यो ओलिंपिक गेम्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन गोल की हैट्रिक मारने के बाद मेरठ सहित देश की महिला खिलाडिय़ों में खासा उत्साह है। खिलाडिय़ों का मानना है कि वंदना की ही हैट्रिक देश में महिला हॉकी लीग के लिए प्राण वायु का काम करेगी। हाकी इंडिया ने अंडर-21 खेलो इंडिया महिला हॉकी लीग के आयोजन की घोषणा भी की है। वंदना शुरू से ही इस बात की पैरवी करती रही हैं महिला हॉकी लीग के आयोजन से देश में महिला हॉकी के नए युग की शुरुआत होगी और देश के कोने-कोने से खिलाड़ी देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए निकलेंगे।

36 साल बाद टीम को पहुंचाया रियो ओलिंपिक

महिला हॉकी टीक के कोच रोलेंट ओलमांट्स वंदना हटारिया को दुनिया की बेहतरीन फारवर्ड खिलाडिय़ों में से एक मानते हैं। वह मानते हैं कि फारवर्ड में वंदना काफी तेज है जिससे उन्हें गोल करने में मदद मिलती है। टोक्यो में भी वंदना ने तीन में एक गोल फील्ड से और दो गोल पेनाल्टी में लिए। इससे पहले 36 सालों बाद रियो ओलिंपिक गेम्स के लिए महिला हॉकी टीम को क्वालीफाई कराने में वंदना ने भी अहम भूमिका निभाई थी। हॉकी इंडिया ने इस प्रदर्शन से खुश होकर वंदना सहित सभी खिलाडी को एक-एक लाख रुपये पुरस्कार राशि भी प्रदान की थी।

शुरू से मैच विनर रही हैं वंदना

वंदना ने हमेशा से ही टीम को अहम पड़ावों पर अपने मैच विनिंग प्रदर्शनों से आगे बढ़ाया है। 2010 में भारतीय जूनियर टीम का हिस्सा बनने के बाद वर्ष 2013 में ही वंदना ने जर्मनी में हुए जूनियर वर्ल्‍ड कप में वंदना ने चार मैचों में पांच गोल कर टापर स्कोरर रही और टीम को कांस्य पदक जिताया। 2014 के कामनवेल्थ गेम्स ग्लास्गो में वंदना ने भारतीय महिला हॉकी टीम के लिए 100वां मैच खेला। इसके बाद 2014-15 में एफआइएच हॉकी वर्ल्‍ड लीग में वंदना ने 11 गोल दागे और भारतीय टीम विजेता बनी।

मिलना चाहिए अर्जुन अवार्ड भी

मूल रूप से उत्तराखंड की रहने वाली वंदना कटारिया ने वर्ष 2004 से 2006 तक मेरठ के मोहनपुरी में रहकर एनएएस हॉकी मैदान पर कोच प्रदीप चिन्योटी से हॉकी का प्रशिक्षण लिया था। प्रदेश सरकार ने वंदना को पिछले साल रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया था। टोक्यो जाने के पहले ही वंदना का नाम इस साल के अर्जुन अवार्ड के लिए भी गया है। मेरठ की खिलाडिय़ों का मानना है कि अब इस हैट्रिक प्रदर्शन के बाद वंदना को अर्र्जुन अवार्ड भी मिलना चाहिए।

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-वंदना हर मैच में जीतने की ललक के साथ मैदान पर उतरती हैं। खेल का परिणाम कुछ भी हो सकता है लेकिन वंदना का फोकस शुरू से अब तक वैसा ही बना हुआ है। उनके बेहतरीन खिलाड़ी होने का यह एक बहुत बड़ा कारण हैं। -प्रदीप चिन्योटी, कोच, एनएएस हॉकी एकेडमी

-वह हमेशा से महिला हाकी लीग कराने की मांग करती रही हैं। ऐसा हो जाए मेरे जैसी सैकड़ों खिलाडिय़ों को अपना हुनर राष्ट्रीय फलक पर दिखाने का मौका मिलेगा। -ईशा डोगरा, राष्ट्रीय खिलाड़ी

-मैंने उन्हें बेहद करीब से देखा है। वह जूनियर खिलाडिय़ों का हमेशा मार्गदर्शन करती रहती हैं। उनका प्रदर्शन हमारे लिए प्रेरणास्श्रोत रहा है। -ममता यादव, राष्ट्रीय खिलाड़ी व अंपायर

-मेरठ से निकलकर उन्हें वहां तक पहुंचता देख हमें भी प्रेरणा मिलती है। हम भी हमेशा सबसे अच्छा करने की कोशिश करते हैं। -सृष्टि, राष्ट्रीय खिलाड़ी

-वंदना दीदी मेरी जैसी सैकड़ों खिलाडिय़ों की प्रेरणा हैं। उन्होंने हर बार साबित किया है कि कठिन परिश्रम से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। -शिवानी शर्मा, राष्ट्रीय खिलाड़ी

-ओलिंपिक गेम्स में हैट्रिक मारने की बात सुनकर ही मन रोमांचित हो गया। तो भला वंदना दी को इस उपलब्धि को कितनी खुशी हुई होगी। -आकांक्षा अहलावत, राष्ट्रीय खिलाड़ी

-टोक्यो में वंदना दी का प्रदर्शन हमारे लिए भी गौरव का क्षण है। बेहद शानदार मैच रहा और कांटे की टक्कर वाले मैच में जीत का आनंद अलग ही होता है। -स्वाती नेगी, राष्ट्रीय खिलाड़ी

-खेलो इंडिया की महिला हॉकी लीग हुई तो देश में महिला हाकी का टैलेंट निकलेगा। हमें आगे बढऩे का मौका मिलेगा तो देश में माहौल भी बदलेगा और हर ओलिंपिक गेम्स में महिला हाकी टीम जाएगी। -मानसी यादव, राष्ट्रीय खिलाड़ी 

Edited By: Himanshu Dwivedi