मेरठ, जेएनएन। अगर आशा कार्यकर्ता आपका दरवाजा खटखटाकर घर की तलाशी लें तो बुरा मत मानिएगा। प्रदेश सरकार मेरठ समेत 75 जिलों में दस्तक अभियान चलाने जा रही है। संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 15 मार्च से आशा कार्यकर्ताएं एक-एक घर पहुंचकर मच्छरों के पनपने की आशंकाओं की पड़ताल करेंगी। हर दस घर के बीच एक जगह स्टीकर लगाएंगी। प्रदेश सरकार का फोकस डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों पर वक्त से पहले काबू करने पर है।

हर बुखार रोगी का बनेगा रिकार्ड

सीएमओ डा. राजकुमार ने बताया कि पहले सूबे के 18 जिलों में दस्तक अभियान संचालित होता था, जिसे अब 75 जिलों तक पहुंचाया जाएगा। एक मार्च से संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम शुरू कर दिए जाएंगे। एक से 14 मार्च तक आशा, आंगनबाड़ी और एएनएम को प्रशिक्षित किया जाएगा। जिला स्तरीय टास्क फोर्स बनाकर मच्छर एवं जलजनित बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग पहली बार इस कार्यक्रम में आशा कार्यकर्ताओं की मदद लेगा। हर आशा कार्यकर्ता माइक्रोप्लान बनाकर रोजाना 15-20 घरों तक पहुंचेंगी। कुल मिलाकर दो हजार घरों तक पहुंचने का लक्ष्य दिया जाएगा। घर में बुखार का मरीज मिला तो जिला मलेरिया अधिकारी सत्यप्रकाश ने जानकारी दी कि विशेष किट से मलेरिया की तत्काल जांच की जाएगी। इस बहाने बुखार के मरीजों का रिकार्ड भी मेंटेन होगा। पहली बार मेरठ में दस्तक अभियान चलेगा। आशा कार्यकर्ता हर घर तक पहुंचेंगी। बुखार के मरीज में मलेरिया की तत्काल जांच होगी। घरों में मच्छर कहां छुप सकते हैं, इसकी जानकारी दी जाएगी। माइक्रोप्लान भी बनेगा।

हर दस घर के बाद लगेगा स्टीकर

जिला मलेरिया विभाग के साथ तालमेल बनाकर मच्छरों के संक्रमण की आशंका कम की जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं के साथ टीम घरों में गमले, कूलर, टायर एवं बर्तनों में जमा पानी का निरीक्षण करेंगी। लोगों को बताएगी कि मच्छरजनित बीमारियां जान भी ले सकती हैं। साथ ही ये टीम घरों में बच्चों और महिलाओं को हाथ धोने, सफाई बरतने की भी जानकारी देगी। हर आशा अपने साथ 25 स्टीकर रखेगी। बुखार के मरीज के घर पर विशेष स्टीकर लगाया जाएगा। 

Posted By: Prem Bhatt

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