मेरठ। जेल से रिमाड पर लाए गए जानलेवा हमले के आरोपित ने सकौती के जंगल में रास्ते में पड़ी ईंट उठाकर अपने सिर में मार ली। इसके बाद एक सिपाही की राइफल छीन कर पुलिसकर्मियों पर तान दी। किसी तरह पुलिसकर्मियों ने उसे काबू किया। कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे वापस जेल भेज दिया। दौराला थाना क्षेत्र के सकौती गाव के जंगल में बीती 1 जून की शाम प्रणसिंह और उनके पुत्र प्रदीप पर खेत में ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी करने के विरोध में तमंचों से फायरिंग कर दी गई थी। जिसमें दोनों बाल-बाल बचे थे। प्रणसिंह के पुत्र शौकिन्द्र ने गाव के ही अमरदीप और उसके पिता जगरोशन के खिलाफ जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया था। अमरदीप ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। बुधवार को पुलिस घटना में प्रयुक्त तमंचा बरामद करने के लिए उसे रिमाड पर लेकर आई थी। दारोगा संजय सिंह व जगवीर सिंह और सिपाही गौरव, सचिन, सुधीर और यशवीर उसे सकौती के जंगल में पहुंचे। जहा अचानक ही अमरदीप ने रास्ते में पड़ी ईंट उठाकर अपने सिर में दे मारी। पुलिसकर्मी जब तक कुछ समझ पाते उसने सिपाही गौरव की राइफल छीन ली और पुलिसकर्मियों पर तान दी। बमुश्किल पुलिसकर्मियों ने आरोपित पर काबू किया और तमंचा बरामद किए बिना उसे थाने ले आई। पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा, सिपाही के सरकारी अस्लाह छीनने, पुलिसकर्मियों को जान से मारने की धमकी देने, पुलिस अभिरक्षा से भागने के प्रयास समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर उसे वापस जेल भेज दिया। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।

Posted By: Jagran

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