मेरठ,जेएनएन। जनपद में पहली बार गेहूं खरीद का रिकार्ड कायम हुआ और पूर्व के मुकाबले इस बार चार गुणा अधिक क्रय केंद्रों पर खरीद की गई। लेकिन अब गेहूं क्रय केंद्र बंद होने के साथ ही किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है। अब सरकारी समर्थन मूल्य से करीब 300 रुपये प्रति कुंतल गेहूं के दाम नीचे आ गए हैं। उधर, मौके का लाभ उठाते हुए दलाल जरूरतमंद किसानों से सीधे मनमर्जी दाम पर गेहूं की खरीद कर रहे हैं।

सरकार ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति कुंतल घोषित किया। अच्छा मूल्य मिलने का असर यह हुआ कि जनपद में पहली बार गेहूं की जमकर खरीद हुई। पूर्व के मुकाबले जनपद में खोले गए क्रय केंद्रों पर चार गुणा अधिक व करीब 40 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई। अब जून के अंतिम सप्ताह में क्रय केंद्रों पर आवक घटने पर केंद्रों को बंद कर दिया गया। उधर, विभिन्न कारणों के चलते अपना गेहूं बिक्री नहीं कर सके किसानों के समक्ष अब बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। वर्तमान में गेहूं के दाम 1650 से 1700 रुपये प्रति कुंतल तक आ गए हैं। एक कुंतल पर औसतन 300 रुपये की गिरावट हुई है। गांव पहुंच रहे दलाल

क्रय केंद्र बंद होने और जनपद में गेहूं की मंडी न होने का पूरा लाभ दलाल व स्थानीय आढ़ती उठा रहे हैं। वर्तमान में गांव-गांव वाहन लेकर पहुंच रहे दलाल मनमर्जी दामों पर गेहूं की बिक्री कर रहे हैं। भ्रम का शिकार हुए किसान

अपनी उपज की बिक्री को लेकर किसान उलझे हुए हैं। किसानों ने अपनी जरूरत को पूरा करने व अधिक मूल्य मिलने के भ्रम में काफी गेहूं घर पर ही रोक लिया। अब लगातार दाम गिरने से घबराए किसान मनमर्जी दामों पर गेहूं बिक्री कर रहे हैं। इन्होंने कहा-

इस बार जनपद में रिकार्ड गेहूं की खरीद की गई है। जून के अंतिम सप्ताह तक खरीद की गई। अब सरकारी स्तर पर गेहूं की खरीद की कोई व्यवस्था नहीं है।

-सतेंद्र सिंह, जिला खाद्य विपणन अधिकारी, खाद्य एवं रसद विभाग

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