मेरठ, जेएनएन: नौचंदी में सोहराब गेट बस अड्डे पर ढाबा स्वामी को गोली मारने की घटना में पुलिस की कार्रवाई कठघरे में आ गई। हमलावरों को चिह्नित कर 25-25 हजार का इनाम घोषित करने के बाद पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई। चर्चा है सत्ता पक्ष के एक मंत्री ने बीस लाख में समझौता करा दिया है। पीड़ित पक्ष ने समझौते के शपथ पत्र भी तैयार करा लिए है। अब सवाल यह है कि क्या पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार नहीं करेगी? क्या सरेआम गोली मारने वालों को 20 लाख में क्लीनचिट मिल गई? 28 नवंबर को होटल स्वामी विकास ने होटल बंद होने के बाद खाना बनाने से इन्कार कर दिया। इसी को लेकर फॉ‌र्च्यूनर सवार ने होटल स्वामी को गोली मार दी था। पुलिस के मुताबिक आरोपितों की फॉ‌र्च्यूनर दिल्ली नंबर की है, जो कालका के अशोक के नाम पर रजिस्टर्ड है। साथ ही फॉ‌र्च्यूनर में सवार हमलावर मेरठ कॉलेज के छात्र हैं, जो बागपत के दोघट थाना क्षेत्र में रहने वाले विशाल चौधरी पुत्र श्यौदान चौधरी और रवि चौधरी पुत्र विरेंद्र निवासी रंछाड़ थाना बिनौली बागपत और दिल्ली के रहने वाले आयुष तथा एक अन्य शामिल थे। दोनों पर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। दो माह बीतने के बाद उनकी गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस सूत्रों की माने तो सत्ता पक्ष के एक मंत्री की सिफारिश पर पुलिस बैकफुट पर आ गई। उसके बाद आरोपितों की अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की गई। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपितों ने पीड़ित पक्ष से सेटिंग कर ली। चर्चा है कि सत्ता पक्ष के एक मंत्री के द्वारा बीस लाख में समझौता करा दिया। यही कारण हे कि आरोपित अभी तक खुले घूम रहे है। पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पा रही है। पुलिस दावा कर रही है कि उनका समझौते से कोई मतलब नहीं है। पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजेगी। 82 की कार्रवाई कर चुकी पुलिस एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ 82 सीआरपीसी में कार्रवाई कर चुकी है। सभी आरोपितों की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस किसी भी समझौते को नहीं मानेगी। पुलिस के खिलाफ आरोपित के सभी साक्ष्य मौजूद है।

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