बागपत, जागरण संवाददाता। गौतमबुद्धनगर एसओजी के रिश्वत कांड की आंच बागपत एसओजी तक पहुंच गई है। हैकर गिरोह से 20 लाख रुपये व क्रेटा कार के एवज डील कराने के मामले में चर्चा में आए एसओजी के कांस्टेबल को एसपी ने लाइनहाजिर कर दिया है। लंबे समय से डटे पांच पुलिसकर्मियों को भी हटाया गया है।

यह है मामला

गाजियाबाद की इंदिरापुरम थाना पुलिस ने एटीएम हैकर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया था। आरोपितों ने पुलिस को बताया था कि उन्हें तीन माह पूर्व नोएडा क्राइम ब्रांच ने भी पकड़ा था लेकिन उनसे 20 लाख रुपये व एक क्रेटा कार लेकर छोड़ दिया था। चर्चा है कि यह डील बागपत एसओजी के सिपाही अब्दुल ने कराई थी, जो वर्ष 2018 में नोएडा एसओजी में रह चुका है। बागपत के अफसरों ने भी गोपनीय जांच की। एसपी ने एसओजी के 11 में से छह पुलिसकर्मियों को हटा दिया है। कांस्टेबल अब्दुल व एक अन्य पुलिसकर्मी को लाइन हाजिर तथा चार पुलिसकर्मियों को थानों में भेजा है। लोग इस कवायद को गौतमबुद्धनगर रिश्वत मामले से ही जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि पुलिस अफसर इससे इन्कार कर रहे हैं।

इन्‍होंने कहा

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने अभी उनसे कोई संपर्क नहीं किया है। नवंबर के अंत में एसओजी टीम की समीक्षा की गई थी। उसी के आधार पर गैर जनपद में ट्रांसफर होने पर दो पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन व लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात चार पुलिसकर्मियों को अन्य थानों में भेजा गया है।

-नीरज कुमार जादौन, एसपी

आरोपित चालक गिरफ्तार, मिली जमानत, जेसीबी बरामद

बागपत। ग्राम लुहारा में जेसीबी की चपेट में आने से हुई बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपित जेसीबी चालक को गिरफ्तार कर लिया। उसे अदालत से जमानत मिल गई है। ग्राम लुहारा में 30 नवंबर की शाम तालाब की जेसीबी से खोदाई कराई जा रही थी। इसी दौरान जेसीबी की चपेट में आने से गुलजार के नौ वर्षीय बेटे सोफियान की मौत हो गई थी। वहीं मौका पाकर आरोपित चालक जेसीबी लेकर भाग गया था। बाद में पीडि़त गुलजार ने ङ्क्षसघावली अहीर थाने पर जेसीबी के अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। थाना एसएसआइ धर्म सिंह का कहना है कि विवेचना के आधार पर आरोपित चालक नदीम निवासी ग्राम खुब्बीपुर, थाना मंसूरपुर (मुजफ्फरनगर) को गिरफ्तार कर जेसीबी बरामद की गई। आरोपित नदीम को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत से उसे जमानत मिली।

 

Edited By: Parveen Vashishta