मेरठ। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के चार जिलों की सूरत बदलने के लिए तेजी से कदम बढ़ाए हैं। करीब 50 हजार करोड़ की परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है। इन परियोजनाओं का लाभ पश्चिम उत्तर प्रदेश के साथ पड़ोसी राज्यों को भी मिलेगा। मुख्य रूप से यातायात की इन परियोजनाओं में मेरठ चौराहे के रूप में विकसित होगा।

आगामी लोकसभा चुनाव में विकास भाजपा का मुख्य मुददा रहेगा। इसलिए केंद्र सरकार परियोजनाओं को लेकर काफी गंभीर है। सरकार की मंशा है कि चुनाव से पहले सभी परियोजनाओं का काम धरातल पर नजर आए और पार्टी इन्ही परियोजनाओं को लेकर पश्चिम की जनता के बीच जाए। मेरठ के साथ गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर और बागपत को इसमें खासतौर पर शामिल किया है। केंद्र के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने भी मेरठ मंडल के इन जिलों के लिए विशेष रूप से निर्देश जारी किए हैं। निर्माणाधीन परियोजनाओं को लेकर प्रत्येक सोमवार को मुख्य सचिव वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से समीक्षा कर रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज रहे हैं। परियोजनाओं को लेकर स्पष्ट निर्देश हैं कि भूमि अधिग्रहण से लेकर निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित की गई समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

पड़ोसी राज्यों को मिलेगा लाभ

एनसीआर क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं का अधिक लाभ मेरठ मंडल के जिलों को होगा, वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के तमाम जनपदों के साथ पड़ोसी राज्य भी फर्राटा भरेंगे। इसमें ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाइवे आदि परियोजनाएं उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली के बीच काअंतर हर स्तर पर कम करेंगी।

एनसीआर का चौराहा होगा मेरठ

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं का बड़ा लाभ मेरठ को होगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे, डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर, दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस वे के साथ मेरठ-बुलंदशहर नेशनल हाइवे-235, मेरठ मुजफ्फरनगर नेशनल हाइवे-58, हाईस्पीड ट्रेन (रैपिड) के साथ प्रस्तावित मेट्रो और एनएच-119 से भी मेरठ को जोड़ा जाएगा। इसके अलावा प्रदेश सरकार की उड़ान योजना में भी मेरठ को शामिल किया है।

बड़ी परियोजना, बड़ा बजट

एनसीआर क्षेत्र में निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिए बड़ा बजट निर्धारित किया है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे के लिए 7866.87 करोड़, एनएच-235 के लिए 1800 करोड़, दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस वे के लिए 1505.72 करोड़, रैपिड के लिए 31,625 करोड़, एनएच-119 के लिए 1250 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित है। ऐसे ही इनर ¨रग रोड के लिए भी 1166 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया है।

मुख्य परियोजना

- हाईस्पीड ट्रेन

- दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे

- ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे

- डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर

- दिल्ली-सहारनपुर एक्सप्रेस वे

- जेवर एयरपोर्ट

- ¨हडन डोमेस्टिक एयरबेस

- मेट्रो

- इनर ¨रग रोड

- एनएच-235

- एनएच-58

- एनएच -24

आयुक्त अनीता सी मेश्राम का कहना है कि मंडल के सभी जिलों में निर्माणाधीन परियोजनाओं का काम तेजी से चल रहा है। एक्सप्रेस वे के साथ एनएच और रैपिड में भी अच्छी प्रगति है। इनर ¨रग रोड को लेकर भी फिर से प्रयास शुरू किए गए हैं।

Posted By: Jagran

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