मेरठ, जेएनएन। परिवहन मंत्री के स्वागत से पहले विवि में फायरिग करने वाले सभी हमलावरों को अभी तक पुलिस पकड़ नहीं पाई। पीड़ित पक्ष के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग कप्तान और आइजी से मिले। उनका कहना है कि आरोपित कादिर ने दारोगा से पिस्टल छीनकर हमला किया था, जिससे उसके पैर में गोली लगी है। आरोपित पक्ष बाकी हमलावरों को बचाने में लिए मुठभेड़ पर सवाल उठा रहे हैं।

बुधवार को चौधरी चरण सिंह विवि के निकट परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के स्वागत समारोह से पहले कैंपस में गौरव कुमार और आशु काजला उर्फ आशीष निवासी गुट में फायरिग हो गई थी। गोली गौरव के दोस्त शानू और ममेरे भाई मनीष को लगी। गौरव की और से आशु काजला, कादिर अली, दीपक, आदित्य तोमर, मोंटी और सागर को नामजद किया। मुख्य आरोपित आशु काजला और कादिर पर कप्तान ने बीस-बीस हजार का इनाम घोषित कर दिया। कादिर को पुलिस मुठभेड़ के बाद जेल भेज चुकी है, जबकि बाकी आरोपित अभी फरार चल रहे है। फायरिग का एक आरोपित आदित्य तोमर एबीवीपी का सहमंत्री है, जो हमले के बाद ही परिवहन मंत्री के कार्यक्रम में मौजूद रहा। तब भी पुलिस उसे पकड़ नहीं पाई।

शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष कुलविंदर सिंह और मुखिया गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पीड़ित पक्ष गौरव पुलिस ऑफिस पर पहुंचे। पहले कप्तान से मिले। उसके बाद आइजी से मिलकर हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना है कि आरोपित आदित्य तोमर और आशु काजला को बचाने के लिए मुठभेड़ पर आरोपित पक्ष सवाल उठा रहा है, जबकि मुठभेड़ पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए की है। उन्होंने पुलिस ने नामजद बाकी पांच आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग उठाई। मेडिकल थाना प्रभारी को कप्तान ने दी गुड एंट्री

विवि में फायरिग करने वाले कादिर को मुठभेड़ में घायल करने वाले मेडिकल थाना प्रभारी प्रशांत मिश्र को गुड एंट्री दी गई। कप्तान का कहना है कि प्रशांत मिश्र ने टीम के साथ कादिर की घेराबंदी की। वरना कादिर दारोगा रणवीर की पिस्टल से पुलिसकर्मियों की जान ले लेता। ऐसे में मेडिकल पुलिस टीम को गुड एंट्री दी जाती है। वायरलैस सेट पर भी कप्तान ने इसका एलान किया है।

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वर्जन..

विवि में फायरिग में घायल हुए दो छात्रों के परिजन भीड़ के साथ आए थे। उन्होंने बाकी आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है। आरोप लगाया कि बाकी आरोपितों को बचाने की कवायद की जा रही है। पुलिस तत्काल ही बाकी आरोपितों को पकड़ेगी। सीओ सिविल लाइन के नेतृत्व में टीम बनाकर दबिश दी जा रही है।

अजय साहनी, एसएसपी वर्जन..

कादिर के परिजनों पर भी हत्या से लेकर संगीन मामलों के मुकदमे हैं। बिना एडमिशन के कादिर विवि में तमंचा लेकर घूमकर गुंडागर्दी करता था। जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज होने के बाद परिवार के लोगों ने उसे पुलिस को सौंप दिया था। तमंचा बरामद करने के दौरान दारोगा का पिस्टल छीनकर भागा। तब मुठभेड़ में आत्मरक्षा के लिए पुलिस ने फायर किया। गोली कादिर के पैर में लग गई है। यदि किसी को शिकायत है, तो हमारे ऑफिस में आकर शिकायत दर्ज करा सकता है, इस पर जांच करा ली जाएगी।

प्रशांत कुमार, एडीजी

Posted By: Jagran

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