मेरठ,जेएनएन। कोरोना संक्रमण के दौरान अलग-अलग तरीके से मरीजों से ठगी की जा रही है। देवलोक कालोनी में रहने वाले परिवार से डाक्टर बनकर आए ठग दस हजार रुपये वसूल ले गए। हालत बिगड़ने के बाद परिवार के तीन सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया। रकम वसूल चुके ठग का मोबाइल नंबर पीड़ित पक्ष ने पुलिस को दिया है। पड़ताल में सामने आया कि आरोपित एक अस्पताल में पीआरओ के पद पर रह चुका है।

देवलोक कालोनी में अमत प्रीत सिंह के परिवार के तीन सदस्य कोरोना संक्रमण के शिकार हो गए। उन्होंने अपने रिश्तेदारों के द्वारा डाक्टरों से संपर्क किया। उनके रिश्तेदार कपिल के पास एक अस्पताल के पीआरओ का नंबर था। उन्होंने उक्त नंबर पर काल किया। उसके बाद अस्पताल का पूर्व पीआरओ हरीश उनके घर पहुंच गया, जो तीन मरीजों को उपचार करने का झासा देकर दस हजार की रकम ले आया। हरीश दोबारा से नहीं लौटा। उसके बाद अमन प्रीत के परिवार के तीन सदस्यों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। उन्होंने आनन-फानन में तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया। उसके बाद अमन प्रीत के परिवार की तरफ से मामले की शिकायत की गई। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि आरोपित का मोबाइल नंबर मिला था, जिसके जरिए पता चला कि एक आरोपित एक अस्पताल में पीआरओ पद पर रह चुका है। उसने पीड़ित परिवार को झासा देकर दस हजार की रकम हासिल कर ली। आरोपित को पकड़कर पीड़ित की रकम वापस कराई जाएगी।

फर्नीचर के शोरूम में आग से तीन करोड़ का नुकसान : भाजपा नेता नीरज मित्तल के फर्नीचर के शोरूम में आग से करीब तीन करोड़ का सामान जलकर खाक हो गया। दमकल की टीम ने शार्ट सíकट को आग का कारण माना है। दमकल की कड़ी मशक्कत के बाद आसपास की दुकानों को आग से बचा लिया गया, वरना आग की लपटें आसपास की दुकानों तक पहुंच रही थीं।

कंकरखेड़ा के गोविंदपुरी निवासी नीरज मित्तल का कंकरखेड़ा में फर्नीचर शोरूम है। रविवार की रात शोरूम में शार्ट सíकट से आग लग गई। आग इतनी भयंकर थी कि साढ़े चार घटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पाया जा सका। नीरज मित्तल ने बताया कि दुकान में रखा करीब तीन करोड़ का सामान खाक हो गया। दुकान का सामान ही नहीं, छत तक पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। आसपास की दुकानों तक भी आग की लपटें पहुंच गई थीं। दमकल की टीम ने आसपास एरिया को कवर करने के बाद आग पर काबू पाया।

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