मेरठ, जागरण संवाददाता। प्रदेश के गन्ना मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह ने सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को आड़े हाथ लिया। 

दुनिया में सबसे पुरानी बस्ती है काशी 

अखिलेश यादव के बयान 'हमारे हिंदू धर्म में यह है कि कहीं पर भी पत्थर रख दो, एक लाल झंडा रख दो, पीपल के पेड़ के नीचे तो मंदिर बन गया' पर उन्‍होंने कहा कि हमें तो पत्थर में भी भगवान दिखाई देते हैं। हमारे तो नरसिंह भगवान भी पत्थर से प्रकट होते हैं। मस्जिद में कोई मूर्ति नहीं होती, इसलिए हो सकता है कि अखिलेश यादव को भगवान भी दिखाई नहीं देते। जिसे जुमा की नमाज अच्छी लगती है तो वो नमाज पढ़ें और जिसे पूजा अच्छी लगती है वह पूजा करें। उन्होंने ज्ञानवापी के सवाल पर कहा कि दुनिया में सबसे पुरानी बस्ती काशी है। काशी भगवान शिव ने बसाई है। यह बात पूरी दुनिया जानती है। 

'स्वयं गन्ने के बड़े किसान हैं मुख्‍यमंत्री'

गन्ना मंत्री बनने के बाद चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह पहली बार शनिवार को मेरठ पहुंचे थे। सर्किट हाउस में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि इस देश में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के बाद किसानों का दर्द महसूस करने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले व्यक्ति हैं। वे स्वयं गन्ने के बड़े किसान हैं। उनके गोरखपुर मठ में 1500 एकड़ में गन्ने की खेती होती है। चीनी मिलों के डायवर्जन के सवाल पर कहा कि किसी भी हाल में डायवर्जन नहीं होगा। यदि डायवर्जन किया जाता है तो उसके जिम्मेदार गन्ना अधिकारी होंगे। ऐसे करने वाली चीनी मिल के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। अवशेष बकाया भुगतान के मामले में गन्ना मंत्री बोले, 54 प्रतिशत गन्ना भुगतान कर दिया गया है। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण सिंह ने चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सुभाष चंद बोस प्रेक्षागृह में किसान सम्मेलन को भी संबोधित किया।

Edited By: Parveen Vashishta