मेरठ, जेएनएन। रोहटा क्षेत्र के बजाज शुगर मिल, किनौनी के गेट पर सोमवार को किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष व मलियाना गन्ना समिति के चेयरमैन के नेतृत्व में किसानों ने धरना दिया। करीब छह घंटे चले धरना-प्रदर्शन के बाद जिला गन्ना अधिकारी पहुंचे और उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर धरना समाप्त करा दिया।

बजाज शुगर मिल पर पिछले पेराई सत्र के चले आ रहे करीब 171 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान को लेकर क्षेत्र के किसानों ने किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष व मलियाना गन्ना समिति के चेयरमैन बिजेंद्र प्रमुख के तत्वावधान में मिल के मुख्य गेट पर करीब 11 बजे पहुंचे, जहां उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया।

बिजेंद्र प्रमुख ने कहा कि मिल प्रशासन किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रहा है, जबकि प्रदेश की अन्य चीनी मिलें सरकार की गन्ना नीति के तहत समय पर गन्ने का भुगतान कर रही हैं। बाद में मिल प्रबंधन ने पुलिस की मौजूदगी में किसान प्रतिनिधिमंडल से करीब एक घंटे वार्ता की, लेकिन, किसान नहीं माने।

करीब पांच बजे पहुंचे जिला गन्ना अधिकारी

सोमवार शाम करीब पांच बजे जिला गन्ना अधिकारी डा. दुष्यंत कुमार पहुंचे, जहां उन्होंने किसानों की मांगों को सुनकर मिल प्रबंधन से वार्ता की। बाद में जिला गन्ना अधिकारी व मिल उपाध्यक्ष केपी सिंह व गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह, गन्ना समिति सचिव श्रीपाल यादव ने किसानों को आश्वासन दिया कि गत सीजन के एक सप्ताह का बकाया भुगतान मंगलवार यानि आज किसानों के खाते में भेज दिया जाएगा। बाकि गत सीजन का बकाया 171 करोड़ रुपये 25 जनवरी तक पूरा भुगतान कर दिया जाएगा। चालू सत्र के गन्ना भुगतान को गन्ना नीति के तहत 14 दिन के अंदर दिया जाएगा। मिल प्रबंध तंत्र के खिलाफ विभाग मंगलवार को आरसी जारी करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित करेगा। धरने की अध्यक्षता जगत सिंह व संचालन कंवरपाल प्रधान मीरपुर ने किया। सुभाष प्रधान डालमपुर, सुधीर कल्याणपुर, विनय फौजी, रिछपाल जीमाना, कमल सिंह कल्याणपुर, सुरेंद्र मेजर, भोपाल सिंह डायरेक्टर ,आनंदपाल सिंह, रामरिछ पाल, गोटी उर्फ नजाकत अली आदि मौजूद रहे। वहीं, थाना प्रभारी रोहटा उपेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ धरना स्थल पर रहे।

मनमानी नहीं कर पाएगा मिल प्रबंधन

सरकार ने हाल ही में कैबिनेट में एक ऐतिहासिक प्रस्ताव पास कर दिया है। अब बजाज ग्रुप ही नहीं, अन्य भी मनमानी नहीं कर पाएंगे। ग्रुप की गन्ना चीनी मिलें सहित उसके जो भी डिस्टीलरी, बिजली या अन्य कलकारखाने संचालित हैं। उनकी आय से धनराशि लेकर किसानों के गन्ना भुगतान को अदा करने की कार्रवाई गन्ना विभाग और प्रशासन कर सकेगा। बजाज ग्रुप के ललितपुर बिजली के प्लांट के बिल के चार हजार करोड़ सरकार पर बकाया है। इसमें से 2500 करोड़ रुपया किसानों के बकाया गन्ना भुगतान में देने का सरकार ने प्रस्ताव कैबिनेट में पास कर दिया है। जो जल्द ही किसानों को अदा कर दिया जाएगा।

-जितेंद्र सतवाई, विधायक, सिवाल खास

Edited By: Jagran