मेरठ। बुलंदशहर ¨हसा में कोतवाल सुबोध कुमार सिंह के हत्यारोपित फौजी जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू को शनिवार रात सैन्य अधिकारियों ने मेरठ एसटीएफ कार्यालय पर नोएडा एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया। एसटीएफ ने गिरफ्तारी दर्शाने के बाद फौजी से कई घंटे पूछताछ की। दूसरी ओर, फौजी बेहद खामोश था और हर सवाल का जवाब हां-ना में देता रहा।

जम्मू के सोपोर में तैनात जीतू को शुक्रवार को सेना ने हिरासत में ले लिया था। उसे लेने के लिए एसटीएफ नोएडा और एसआइटी की टीम सोपोर गई थी, लेकिन सेना ने सुरक्षा की दृष्टि के मद्देनजर उसे एसटीएफ व एसआइटी को नहीं दिया था। आशंका थी कि उसकी जान को खतरा हो सकता है। शनिवार सुबह 5.30 बजे सैन्य अधिकारी जीतू को एसटीएफ व एसआइटी के साथ लेकर सोपोर से मेरठ के लिए रवाना हुई। रात 12.50 पर मेरठ एसटीएफ कार्यालय पर जीतू को लाया गया, जहां नोएडा एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया गया। एसटीएफ आइजी अमिताभ यश ने पुष्टि करते हुए बताया कि फौजी को सेना ने एसटीएफ के सुपुर्द कर दिया है। सैन्य अधिकारी लिखित में सुपुर्द नामा लेकर रात में ही वापस चले गए। एसटीएफ नोएडा रात तीन बजे जीतू को बुलंदशहर की स्याना कोतवाली ले जाने की तैयारी कर रही थी।

10 बजे तक करें कोर्ट में पेश

सेना ने लिखकर लिया कि जीतू को सुबह 10 बजे तक बुलंदशहर कोर्ट में पेश किया जाए। जवाब में एसटीएफ ने कहा कि इंस्पेक्टर सुबोध की हत्या के दौरान पिस्टल लूटी थी। आशंका है कि फौजी ने पिस्टल लूटी थी। उसे बरामद करने के लिए फौजी को कोर्ट में पेश करने में देरी हो सकती है। दूसरी ओर, सेना ने सुपुर्दगी के दौरान मौके पर मौजूद लोगों के हस्ताक्षर कराए और कहा कि एसटीएफ को जीतू सुरक्षित सौंपा गया है।

Posted By: Jagran