मेरठ का सोतीगंज फिर चर्चा में! STF और SOG की छापेमारी, हाजी गल्ला के बेटे समेत तीन हिरासत में
मेरठ के सोतीगंज में एसटीएफ और एसओजी ने छापेमारी कर हाजी गल्ला के बेटे अलीम समेत तीन को हिरासत में ...और पढ़ें

पुलिस की हिरासत में आरोपित। जागरण
HighLights
सोतीगंज के बीच बाजार में गोदाम के अंदर मिला वाहनों के पार्ट्स का जखीरा
सोतीगंज में गोदाम बनाकर दिल्ली मायापुरी में बेचे जा रहे थे वाहनों के पार्ट्स
जागरण संवाददाता, मेरठ। सोतीगंज में एसटीएफ और एसओजी ने छापेमारी कर हाजी गल्ला के बेटे समेत तीन लोगों को हिरासत में ले लिया। थाने लाकर सीओ कैंट की अगुवाई में उनसे पूछताछ की गई। पुलिस को सोतीगंज के बीच बाजार स्थित एक गोदाम में वाहनों के पार्ट्स का जखीरा मिला। बताया गया कि गोदाम से उक्त पार्ट्स दिल्ली के मायापुरी में बेचे जा रहे थे। हाजी गल्ला के परिवार ने पुलिस को बताया कि ये पार्ट्स स्क्रैप में खरीदे गए थे। परिवार ने उनके बिल भी दिखाए।
सोतीगंज बाजार कराया गया था बंद
मेरठ के सोतीगंज को एशिया का सबसे बड़ा कबाड़ बाजार कहा जाता था। चोरी के वाहन यहां आने के बाद 10 से 15 मिनट में पता नहीं चल पाते थे। 2021 में सोतीगंज के कबाड़ बाजार को पूर्णतया बंद करा दिया था। सोतीगंज में दिल्ली, हरियाणा और यूपी से चोरी किए गए वाहनों का कटान करने के बाद उनके पार्ट्स पंजाब के व्यापारियों को बेचे जाते थे। सोतीगंज बाजार बंद होने के बाद मेरठ के ज्यादातर कबाड़ी दिल्ली के मायापुरी में शिफ्ट हो गए हैं।
मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री भी अपनी जनसभाओं में सोतीगंज के बंद होने की जिक्र कर चुके हैं। उसके बाद भी हाजी गल्ला के बेटों का सोतीगंज के बीच बाजार में गोदाम पकड़ा गया। गोदाम में दो मंजिल तक वाहनों के पार्ट्स भरे मिले। माना जा रहा है कि हाजी गल्ला के बेटे कपड़े की दुकान की आड़ में गोदाम से वाहनों के पार्ट्स को दिल्ली के मायापुरी में बेच रहे हैं। एसटीएफ की टीम ने मुखबिर की सूचना पर हाजी गल्ला के बेटे अलीम और उसके दो साथियों को एसटीएफ और एसओजी नगर की टीम ने पकड़ लिया।
तीनों को कार में बैठाने के बाद गोदाम पर ले गए थे। गोदाम में वाहनों के उपकरण भरे मिले थे। हाजी गल्ला के बेटों ने बताया कि यह वाहन पार्ट्स का जखीरा पुराना है, जो स्क्रैप में खरीदा गया है। सवाल है कि पांच साल तक गोदाम से उपकरण खाली क्यों नहीं कराए गए? जबकि उस समय सोतीगंज से सभी गोदामों को खाली करा दिया था। गोदाम और दुकानों को खाली कराने के बाद ही कबाड़ियों ने दूसरा कारोबार किया।
पुलिस भले ही अलीम और उसके साथियों के सवालों में उलझ रही हो, पर सच्चाई है कि देहात में वाहनों का कटान हो रहा है, जो पार्ट्स सोतीगंज में गोदामों के भरे जाते हैं। उसके बाद दिल्ली के मायापुरी में बेचे जाते हैं। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि अलीम और उसके साथियों से पूछताछ के लिए सीओ कैंट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। एएसपी एसटीएफ बृजेश कुमार ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर सोतीगंज में छापामारी की गई। हाजी गल्ला के गोदाम में वाहनों के पुराने पार्ट्स मिले है।
यू बंद हुआ था सोतीगंज बाजार
सोतीगंज बाजार के वाहन चोर और कबाडिय़ों पर जनपद में करीब ढाई हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। कटान और चोरी के विभिन्न थानों में दर्ज 321 मुकदमों की विवेचना करने के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया गया। इन सभी मुकदमों में सोतीगंज बाजार के कई दुकानदारों का नाम सामने आया था। विवेचना में बताया गया कि सोतीगंज की सभी दुकानों पर चोरी के पार्ट्स बेचे जाते थे। उक्त वाहनों का कटान कर उपकरण अन्य गाडिय़ों में फिट कर दिए जाते थे।
सोतीगंज बाजार को तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने पूर्णतया बंद करा दिया। अब उक्त दुकानों में अन्य कारोबार हो रहा है। सोतीगंज बाजार में चोरी के वाहनों के पार्ट्स बेचने वाले मास्टरमाइंड हाजी गल्ला ने बेटों ने भी कपड़े की दुकान खोल ली है। उक्त दुकान की आड़ में अभी भी वाहनों के पार्ट्स का धंधा चल रहा है। बताया जाता है कि सोतीगंज में गोदाम बनाकर दिल्ली के मायापुरी में वाहनों के पार्ट्स बेचे जाते हैं। उक्त वाहनों का कटान देहात एरिया में हो रहा है।
एक था सोतीगंज
-37 कबाडिय़ों को आरोपित बनाकर अरबों की संपत्ति जब्त हुई।
-82 वाहन चोरों को जेल भेजा गया था। हाजी गल्ला, हाजी इकबाल समेत बड़े 12 कबाडिय़ों पर कार्रवाई हुई।
-275 कबाडिय़ों की लिस्ट आयकर विभाग को भेजी गई थी।
