मेरठ, [अमित तिवारी]। सेना की भर्ती प्रक्रिया में भी फर्जीवाड़े का सेंध लगने के बाद आला अफसरों के कान खड़े हो गए हैं। फर्जी कागजातों के जरिये सेना में युवाओं को शामिल कराने वाले गिरोह में वर्तमान सैनिकों का भी नाम सामने आने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। सेना की खुफिया इकाई यानि आर्मी इंटेलिजेंस मामले की छानबीन में तीन लोगों को गिरफ्तार करने के बाद अब सेना में कार्यरत सैनिकों की ओर रुख कर रही है। एक सप्ताह से 10 दिन के भीतर फर्जीवाड़े में शामिल सेना भर्ती कार्यालयों में कार्यरत सैनिकों के खिलाफ जांच शुरू होगी।

तीन से पांच लाख तक हुई थी वसूली

सेना भर्ती कार्यालय यानि एआरओ मेरठ में कार्यरत हवलदार जगदेव, वाराणसी में कार्यरत हवलदार राहुल पांडेय, एआरओ आगरा के हवलदार संतोष सेठी, एआरओ दिल्ली में अजय सोलंकी और मिलिट्री अस्पताल लखनऊ में कार्यरत हवलदार विकास इस मामले में नामित हैं। इनमें से संतोष सेठी को इस गिरोह का प्रमुख व्यक्ति बताया जा रहा है। सैन्य सूत्रों के अनुसार मेरठ एआरओ के जगदेव इस मामले में संतोष को रुपये देने आगरा भी गए थे। एक-एक अभ्यर्थी से इन लोगों ने तीन से पांच लाख रुपये लिए हैं। हवलदार जगदेव दोनों रैलियों में डेढ़ सौ से अधिक अभ्यर्थियों को अपने संपर्क से लेकर गए थे।

रुपये कहां-कहां गए, होगी जांच

इस मामले में अब तक नामित सैनिकों के साथ ही आर्मी इंटेलिजेंस की टीम भर्ती कार्यालयों में इनका साथ देने वालों की भी जांच करेगी। रुपये का बंटवारा किस स्तर तक हुआ, इसकी तह तक जाने के बाद सभी संलिप्त सैनिकों या अफसरों की घेराबंदी होगी। भर्ती कार्यालयों में पोस्टिंग के लिए कई लोग सिफारिशें भी लगवाते हैं। ऐसे में उनकी मंशा इस तरह से रुपये कमाने की ही सामने आ रही है। संभव है कि इन सभी को मूल यूनिट में भेजने के बाद जांच शुरू की जाए।

अनुमति मिलते ही होगी पूछताछ

सेना के उच्चाधिकारी इस मामले को बेहद गंभीरता से देख रहे हैं। गिरोह में शामिल होकर फर्जीवाड़ा करने के साक्ष्य मिलने के बाद आर्मी इंटेलिजेंस की टीम जल्द से जल्द सैनिकों की जांच शुरू करना चाह रही है। लखनऊ से अनुमति मिलते ही मेरठ सहित अन्य सेना भर्ती कार्यालयों में कार्यरत सैनिकों से पहले पूछताछ होगी। उसके बाद उन्हें गिरफ्तार करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सेना की खुफिया इकाई के साथ ही सैनिकों से पूछताछ व जांच के दौरान एसटीएफ की टीम भी रहेगी। जांच पूरी होने पर सेना की ओर से कोर्ट मार्शल की कार्रवाई होगी।

13 जिलों में 1 लाख 32 हजार थे अभ्यर्थी

सेना भर्ती कार्यालय मेरठ के अंतर्गत 13 जिले आते हैं। इनमें साल 2019 की सेना भर्ती रैली में 1,32,713 अभ्यर्थी पंजीकृत हुए थे। इनमें से बाबूगढ़ रैली में गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अमरोहा, रामपुर और हापुड़ जिले के 58,840 अभ्यर्थी थे। वहीं बड़ौत रैली में बिजनौर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मुरादाबाद, बागपत और शामली के 73,873 अभ्यर्थी थे।

चार साल के दौरान सेना में सैकड़ों युवकों को भर्ती करा चुका गैंग

एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने सेना के इंटेलीजेंस इनपुट पर सेना भर्ती में फर्जीवाड़े का राजफाश किया। पूछताछ में सामने आया कि चार साल में यह गैंग सैंकड़ों अभ्यर्थियों को सेना में भर्ती करा चुका है। पुलिस भर्ती कराए गए अभ्यर्थियों की भी पड़ताल कर रही है। साथ ही पुलिस सेना में तैनात हवलदारों से भी पूछताछ करेगी। उक्त हवलदारों को ही प्रत्येक जनपद का जिम्मा दिया हुआ था।एसटीएफ के पुलिस उपाधीक्षक बृजेश सिंह ने बताया कि सेना के इंटेलीजेंस इनपुट मिलने के बाद इस गैंग को पकड़ सके हैं। क्योंकि रिटायर्ड फौजी देवेंद्र शर्मा पिछले चार साल से सेना में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे भर्ती करा रहा था। मेरठ में रहने वाला देवेंद्र शर्मा मूलरूप से बागपत का है, जो बागपत से लेकर मेरठ के युवाओं को भर्ती करा चुका है, जिन युवाओं को देवेंद्र की तरफ से भर्ती कराया गया। एसटीएफ उनकी लिस्ट तैयार कर रही है। कुछ युवक तो ऐसे भर्ती हुए है, जो दौड़ तक पूरी नहीं कर पाए है, उनके स्थान पर अन्य युवकों को दौड़ाया गया था। मेरठ में ही इन्होंने ऑफिस खोला हुआ था, जिसमें अभ्यर्थियों से रकम वसूली जाती थी। साथ ही उसका सहयोग करने वाले प्रवीण भारद्वाज और नवनीत अग्रवाल से भी पूछताछ की गई है। उन्होंने बताया कि इस गैंग से 12 से ज्यादा लोग शामिल है, जिसमें ज्यादातर लोग सेना में भर्ती है, जो सेना की पूरी प्रक्रिया कराने में अहम भूमिका निभाते थे। सीओ ने बताया कि आगरा सेना भर्ती में भी 100 युवाओं को भर्ती करने का लक्ष्य रखा गया था।

आगरा भेजी गई पुलिस की टीम

आगरा सेना भर्ती में देखा जा रहा है कि इस गैंग के किन-किन अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है, गैंग के अन्य सदस्य भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा तो नहीं उठा रहे है। सीओ ने बताया कि माना जा रहा है कि कई अभ्यर्थियों की भर्ती भी करा चुके हैं। 

Posted By: Taruna Tayal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस